पटना में यहां रुकने की मुफ्त व्यवस्था, 30 रुपये में भरपेट भोजन भी, जाड़े में फंसे तो पता याद रखें

पटना

ठंड का मौसम अक्सर कठिन होता है। खासकर उनके लिए जिनके जेब में पैसे की कमी होती है। ठंड में अक्सर लोगों को देर रात फंसने पर रुकने में असुविधा होती है। खासकर पटना जैसे शहरों में, देर रात की गाड़ियों से आने वाले लोग आवागमन के साधन नहीं होने की वजह से अक्सर स्टेशन पर ही रात बिताते नजर आते हैं। इसके अलावा पटना राजधानी है और प्रदेश के सुदूर दूसरे हिस्सों से लोग आते हैं और रात को लौट नहीं पाते। जाड़े की ये रातें अक्सर लोगों पर भारी पड़ती हैं। अगर आप भी ऐसी किसी स्थिति में फंसे हैं या फंसने का खतरा है, तो हम आपको पटना की ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं, जहां रुकना मुफ्त है।

सामान्य रैनबसेरे जैसे नहीं हैं ये आश्रयस्थल

असल में पटना नगर निगम ने शहर में कई जगहों पर आश्रयस्थल बनवाए हैं। अक्सर सरकारी आश्रय स्थल या रैन बसेरों को लेकर लोगों की राय ठीक नहीं होती, क्योंकि उनका मेंटनेंस नहीं किया जाता। लेकिन पटना के इन आश्रयस्थलों की बात अलग है। यहां की सुविधाएं हैरान करने वाली हैं। जैसे पटना के गायघाट में ही बने आश्रयस्थल को लीजिए। यहां 50 लोगों के रुकने की सुविधा है। यहां आपको साफ सुथरे बेड, आरओ का पानी, इन्वर्टर और टीवी तक की सुविधा मिलेगी, वह भी मुफ्त।

30 रुपये में भरपेट भोजन

यहां महिलाओं के स्वयंसहायता ग्रुप्स की तरफ से खाने की व्यवस्था है। हालांकि उसके लिए आपको प्रति व्यक्ति 30 रुपये चुकाने होंगे। यह आश्रयस्थल गायघाट डंका इमली स्थित गांधी सेतु के नीचे बनाया गया है। इसी तरह पटना में चौक शिकारपुर आरओबी के नीचे भी एक अस्थाई आश्रय स्थल बनवाया गया है। पटना में अब प्रशासन से इसी मॉडल पर दूसरे आश्रय स्थल बनवाने की मांग की जा रही है।

दूसरे आश्रयस्थलों के लिए जगह हो रही चिन्हित

इस संबंध में नगर निगम अधिकारी का कहना है कि इन आश्रय स्थलों की प्रॉपर देखरेख की जा रही है। उनका कहना है कि गायघाट आश्रयस्थल को एक मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। उनके मुताबिक कुछ अन्य इलाकों में भी अस्थाई आश्रयस्थल के लिए जगह चिन्हित की जा रही है।

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