कोरोना वैक्सीन को लेकर पटना एम्स से आई गुड न्यूज, बिहार के लिए गर्व की बात

पटना
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच बिहार से पूरे देश के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है। पटना एम्स में कोरोना वैक्सीन ट्रायल का पहला चरण सफल हो गया है। आपको बता दें कि बायोटेक कंपनी और आईसीएमआर मिलकर इस वैक्सीन को बना रही हैं। आज पूरी मानवता कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रही है। ऐसे में बिहार का एम्स आशा की किरण बनकर सामने आया है। मीडया रिपोर्टस के मुताबिक पटना में कोरोना वैक्सीन के दूसरे चरण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। आइए आपको बताते हैं कि पहले चरण के सफल होने का क्या मतलब है और अब आगे क्या होगा।

18 से 55 साल के लोगों पर पहला चरण रहा सफल
पटना एम्स में कोरोना की इस तैयार होती वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल 15 जुलाई से शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक इसका ट्रायल 18 से 55 साल की उम्र के लोगों पर किया गया था। ऐसा दावा किया जा रहा है कि किसी पर इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले कई चरण के ट्रायल होते हैं। जैसे जैसे चरण बढ़ता जाता है ट्रायल में शामिल लोगों की संख्या बढ़ती जाती है। वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले ये आश्वस्त होना होता है कि किसी पर भी इसका साइड इफेक्ट न हो।

आपको बता दें कि दूसरे चरण के ट्रायल में 12 साल तक के बच्चों और 65 साल तक के बुजुर्गों पर ट्रायल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले चरण में बिहार से 300 से अधिक लोगों पर ट्रायल किया गया था। किसी पर वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है। पटना एम्स ने इस रिपोर्ट से केंद्र को अवगत भी करा दिया है। पहले चरण में वैक्सीन की दूसरी डोज 14 दिनों में दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक दूसरे चरण में ये डोज अब 28 दिन पर दी जाएगी।

पटना एम्स ने ट्रायल के लिए वॉलंटियर्स आमंत्रित किए हैं। लोग चाहें तो जाकर इस ट्रायल में हिस्सा ले सकते हैं। आपको बता दें कि इस समय पटना एम्स समेत देश के 13 संस्थानों में वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। उधर देश में कोरोना के मामले भी लगातार तेजी से बढ़े हैं लेकिन रिकवरी रेट भी पहले से बेहतर हुआ है।

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