वाल्मीकि टाइगर रिजर्व Image Source : tweeted by @nildeoreIAS

टाइगर रिजर्व के लिये दो स्पेशल प्लान लेकर आई सरकार- 2 रात, 3 दिन रुकने, घुमाने का पैकेज 45 सौ में

Patna : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दर्शन करने का आनंद अतुलनीय है। यहां बार-बार आने की इच्छा होती है। प्राकृतिक छटा और मनमोहक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है। 899.38 वर्ग किलोमीटर में फैले इस टाइगर रिजर्व की सफारी के लिये भी राज्य सरकार की ओर से काफी बेहतर इंतजाम किये गये हैं।
यहां हर साल देशी-विदेशी सैलानी घूमने आते हैं। लेकिन कोरोना में यह बंद कर दिया गया था। अब जब यह खुला है तो पर्यटकों के लिये गुड न्यूज है। पर्यटन विभाग बाहरी पर्यटकों के लिये 22 अक्टूबर यानि शुक्रवार से स्पेशल पैकेज शुरू कर रहा है।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में स्थित है। पर्यटल विभाग के पैकेज में पर्यटकों को वाल्मीकि नगर में दो रात तीन दिन ठहरने का मौका मिलेगा। इस पैकेज के तहत पटना से हर शुक्रवार को दो बसें खुलेंगी।

एक पटना-मंगुराहा-पटना वाया वैशाली चलेगी। दूसरी बस वैशाली के रास्ते पटना-वाल्मीकिनगर-पटना चलेगी। पर्यटकों के लिये आधुनिक पर्यटन सेवाएं हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने आधुनिक सुविधाओं से पर्यटन को पंख दिये हैं। अब पर्यटक यहां प्राकृतिक छटा के बीच इन सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटकों के ठहरने के लिये ईको हट बेहद कारगर हैं। पर्यटन विभाग के दो पैकेज के लिये प्रति पर्यटक 4500 रुपये शुल्क देना होगा। वीटीआर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुआ दो दिवसीय टूर पैकेज भी जारी रहेगा।
जंगल कैंप में ठहरने, खाने और घूमने के लिये खास इंतजाम किये गये हैं। साथ ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र झूला पुल है, जिसे इतना आकर्षक और लचीला बनाया गया है कि आप झूलते हुये एक छोर से दूसरे छोर तक जा सकते हैं।
टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी में आप बाघ, गैंडा, भालू, हिरण और अन्य जंगली जानवरों को आसानी से देख सकते हैं। गंडक धारा में पर्यटकों के मनोरंजन के लिये अब राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
जंगल सफारी में बाघों का नजारा पर्यटकों में रोमांच और कौतूहल पैदा करता है। बाघहा वाल्मीकि नगर मुख्य मार्ग पर अक्सर सड़क के बीचों-बीच बाघ दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं जंगल सफारी के दौरान रात में पर्यटकों को हिरणों का झुंड, जंगली भैंसा, कई तरह की सांप प्रजातियां, सड़क पर खेलते भालू नजर आते हैं।
वीटीआर जंगल में घूमने के लिये विभाग की ओर से वाहन व गाइड मुहैया कराये जाते हैं। वह जंगल सफारी के आनंद को दोगुना कर देते हैं। गंडक नदी के जलाशय में बोटिंग का अलग ही मजा है। रोमांच अपने चरम पर होता है जब मोटर बोट गंडक के शांत जल से चीरती हुई आगे बढ़ती है।
वाल्मीकि नगर आने वाले पर्यटक कैंटर सफारी, साइकिल सफारी, वाल्मीकि आश्रम, कौलेश्वर झूला, गंडक बैराज हाथी शेड, धार्मिक स्थल लालभीतिया सनसेट प्वाइंट, सोफा टेम्पल, वाटर फॉल, परवाड़ा का आनंद ले रहे हैं।
वाल्मीकि नगर घूमने आने वाले पर्यटक वाल्मीकि आश्रम नहीं जाते हैं। उनकी यात्रा अधूरी रह जाती है। 22 मार्च 2019 से नेपाल में कोरोना की वजह से एंट्री बंद कर दी गई थी। जिस कारण पर्यटक वाल्मीकि आश्रम नहीं जा सके। इस बार वाल्मीकि आश्रम खुलने से पर्यटकों में खासा उत्साह है। लंबे इंतजार के बाद पर्यटक भी माता सीता के इस स्थान के दर्शन कर सकेंगे।

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