पीएम शहरी आवास योजना से बना मकान।

40 हजार आवासहीनों को घर बनाने के लिए अप्रैल में पैसे देगी सरकार, दरभंगा के 1734 लोगों को मिलेगा लाभ

पटना : बिहार सरकार आवासहीन लोगों को अब घर बनाने के लिए पैसे देगी। सूबे के 40 हजार लोगों को इसका लाभ मिलेगा। फिलहाल दरभंगा के 1734 लोगों को चिह्नित किया गया है। इस बारे में नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि एक बड़ा समारोह कर इन आवासहीनों को घर बनाने के लिए पैसे दिए जाएंगे। इन्होंने बताा कि आवेदकों को अप्रैल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि दी जाएगी। यह भी बताया कि सीतामढ़ी में 30 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के बाद भूमिहीनों को उस पर बसाया जाएगा। दरअसल, विधानसभा सत्र के दौरान तारकिशोर प्रसाद द्वारा नीतीश मिश्रा के सवालों का जवाब दिया जा रहा था।

सभी जिलों में आवास बोर्ड की जमीन पर बनेगी बिल्डिंग
जिलों में राज्य सरकार गरीबों के लिए बिल्डिंग बनाएगी। शहरी क्षेत्र में रहने वाले निराश्रित लोगों को घर दिया जाएगा। बिहार राज्य आवास बोर्ड की खाली जमीन पर बिल्डिंग बनाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने गुरुवार को विधानसभा सत्र में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 जिलों के 35 स्थानीय निकायों में दशमलव पांच एकड़ जमीन से जुड़ी रिपोर्ट मिली है। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 के तहत शहर में रह रहे बेघर भूमिहीन गरीब लोगों को बहुमंजिला भवन बनाकर दिया जाना है। सूबे के सभी जिलों में शहरी क्षेत्र स्थित स्लम क्षेत्रों में रह रहे लोगों को आवास आवंटित किए जाने का प्रस्ताव है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए नगर निकायों से प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में भूमि नहीं मिलने की स्थिति में वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था की जानी है। जल्द इस योजना से प्राथमिकता निर्धाारण के आधार पर आवास निर्माण के लिए कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद।

शहर की तर्ज पर गांवों में घर-घर से उठेगा कचरा
अब शहरों की तर्ज पर सभी गांवों में घर-घर से कचरा उठाव होगा। इसकी शुरुआत हाजीपुर में हो रही है। यहां पहले फेज में जिले के 16 प्रखंडों की 64 पंचायतों के गांवों में घर-घर से कचरा उठाया जाएगा। इससे पहले मुखिया और पंचायत सचिव को ट्रेनिंग दी जाएगी। चयनित पंचायत का डीपीआर ग्रामसभा में पारित किया जाएगा। पंचायत की आबादी के आधार पर राशि आवंटित की जाएगी। घर-घर से संग्रहीत कचरे की डंपिंग करने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर ठोस कचरे का उठान करने के बाद उसका सही जगह पर डंपिंग की जाएगी। हर पंचायत में एक स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं हर वार्ड में दो स्वच्छताग्राफी बहाल किए जाएंगे। वह कचरा उठाने और डंपिंग का काम करेंगे। कचरा डोने के लिए रिक्शे का इस्तेमाल किया जाएगा।

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