भ्रष्टाचार की प्रतीकात्मक तस्वीर।। Image Source : live bihar

भ्रष्ट अफसरों को पकड़वाने में सरकार की मदद करें, ई-मेल, व्हॉट‍्सऐप, कई फोन नंबर पर दे सकते हैं गुप्त सूचना

New Delhi : बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर नो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत आम लोगों से आगे आने की अपील की है। पुलिस मुख्यालय ने आम लोगों से भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों, कर्मचारियों के बारे में गुप्त रूप से सूचना देने की अपील की है। खासकर अवैध बालू खनन का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पुलिस मुख्यालय ने आम लोगों की मदद के लिये कुछ जानकारियां जारी की हैं। लोग चाहें तो आर्थिक अपराध शाखा के ईमेल eoups-pat-bih@nic.in या साइबरसेल-bih@nic.in पर और साथ ही व्हाट्सएप नंबर 8544428428 और 0612- 2215142 पर गुप्त सूचनाएं भेज सकते हैं। आप कॉल करके भी बता सकते हैं।

इसके अलावा मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम (हेल्पलाइन) नंबर 0612-2205532, 2205533, 2205534 पर कॉल करने की व्यवस्था भी की गई है। आप पुलिस हेल्पलाइन-bih@gov.in और व्हाट्सएप नंबर 8544428407 / 8544428408 पर जानकारी भेज सकते हैं।

सरकार ने यह व्यवस्था की है कि इसके तहत आम लोग सबसे पहले अपने जिले के एसएसपी/एसपी या रेंज के आईजी/डीआईजी को भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी लोगों के खिलाफ जानकारी दे सकते हैं। आम लोग चाहें तो डायल 100 पर भी कॉल कर बता सकते हैं।

हाल के दिनों में रेत के खेल में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच बड़े पैमाने पर मिलीभगत की बात सामने आई है। जिसके बाद सरकार से आदेश मिलते ही आर्थिक अपराध शाखा (ईओयू) ने लगातार कार्रवाई की। शुक्रवार को बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

कालाधन बनाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अब बिहार के आम लोगों से भी समर्थन मांगा गया है। अगर किसी के पास किसी भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कोई जानकारी है, अगर कोई सबूत है, तो आप उसे ईमेल और व्हाट्सएप पर मैसेज करके या मोबाइल और फोन नंबर पर कॉल करके जानकारी दे सकते हैं।

फिलवक्त बालू के खेल में शामिल प्रशासनिक व पुलिस के 6 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सबसे पहले डेहरी के एसडीएम सुनील सिंह के खिलाफ पटना से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर तक छापेमारी की गई। दूसरी कार्रवाई पालीगंज के निलंबित एसडीपीओ तनवीर अहमद के खिलाफ की गई। छापेमारी के दौरान उनके पास से सरकारी वेतन से 39 फीसदी अधिक चल-अचल संपत्ति बरामद हुई। भोजपुर के निलंबित एसडीपीओ और एमवीआई पर भी कार्रवाई हुई।

पांचवी कार्रवाई आईपीएस और भोजपुर के पूर्व एसपी राकेश कुमार दुबे के खिलाफ हुई।इसके बाद छठी कार्रवाई बिहार पुलिस के सिपाही और बिहार पुलिस पुरुष संघ के प्रदेश अध्यक्ष पर की गई।

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