रेवती रमन सिन्हा और उनकी पत्नी

कोरोना काल में दंपति ने शौक से शुरू की गार्डनिंग, अब हो रही खूब कमाई

पटना : आप अगर कोई काम शौक से कर रहे हैं और जब इसमें आपको आर्थिक लाभ मिलने लगे या यूं कहें कि यह एक बिजनेस बन जाए तो आप क्या कहेंगे। पटना में एक दंपति ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। कोरोना काल में शौक से गार्डनिंग की शुरूआत की लेकिन आज यह गार्डनिंग एक नर्सरी का रूप ले चुकी है, जो इस दंपति के लिए एक अच्छा व्यवसाय बन गया है।

इस नर्सरी का लाभ न सिर्फ इस दंपति को मिल रहा है बल्कि अन्य लोगों को भी इसका फायदा मिलते दिख रहा है। यहां से लोगों को दूसरी नर्सरियों से सस्ती कीमत पर फूलों के पौधे मिल जाते हैं। इसके साथ ही फोन पर गार्डनिंग से संबंधित टिप्स भी मिल रहा हैं।

पटना के कंकड़बाग इलाके में रहने वाले रेवती रमन सिन्हा और उनकी पत्नी अंशु सिन्हा आज एक बड़े नर्सरी के मालिक हैं। रोज उनकी नर्सरी में 500 तक ऑर्डर आते हैं।

रेवती रमन बताते कि उनकी पत्नी अंशु को गार्डनिंग का शौक बचपन से था। मायके में घर में उसने गार्डनिंग भी की थी। जब कोरोना काल में हमलोग घर में थे, तब घर की छत पर गार्डनिंग करने का निर्णय लिया। इस काम में अंशु ने मुझे भी लगा दिया और फिर मुझे भी यह काम अच्छा लगने लगा।

पौधे

रेवती रमन ने कहा कि यूट्यूब के जरिए उन्होंने गार्डनिंग की बारीकी सीखी और अलग-अलग किस्म के सजावटी और फूलों के पौधों को लगाने की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि 1500 वर्गफीट के छत पर उन्होंने सालों-साल चलने वाले फूलों के पौधे लगाएं। अभी उनके पास 200 किस्मों के पौधे हैं, जिसमें सदाबाहर फूल और गुड़हल की कई किस्में शामिल हैं। इतना ही नहीं यहां गमलों में कई तरह की सब्जियां भी उगाई गयी है।

एक साल में इस दंपति के पास पौधे इतने ज्यादा हो गए कि उन्होंने कटिंग करके उनसे मदर प्लांट तैयार कर दिया। उन्होंने अपने छत पर एक छोटी सी नर्सरी की शुरूआत की। इसके बाद इस जगह ने एक नर्सरी का रूप ले लिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी बिक्री शुरू की। उन्होंने दावा किया कि सभी पौधों की कीमत उन्होंने काफी कम रखी है। रेवती रमन ने बताया कि उनके पास कोई भी पौधा 200 से अधिक का नहीं है, जबकि इसमें कई कीमती पौधे भी हैं।

अंशु सिन्हा एक स्कूल की शिक्षिका हैं। उन्होंने कहा कि एक साल के अंदर उनके 100 से ज्यादा ग्राहक बन गए हैं। वहीं हर रोज लगभग 500 पौधे बेचते हैं। साथ में उनकी नर्सरी से गमले और खाद भी खरीदा जा सकता है। राज्य से बाहर से भी पौधों के ऑर्डर आते हैं।

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