यूपीएससी पास कर अब आईपीएस बनेंगे अल्ताफ शेख। Image Source : Agencies

बचपन में स्कूल के बच्चों को पकौड़े तलकर खिलाते थे, आज बन गये आईपीएस

New Delhi : बचपन में अल्ताफ ने कमियों में ही संघर्ष करके पढ़ाई की। घर की आमदनी कम थी। पिता पुणे से सटे बारामती में चाय और पकौड़े बेचते थे। और अल्ताफ भी पिता के काम में हाथ बटाते थे। स्कूल कैंपस के ठीक बाहर। और यहीं पर उन्होंने खूब पढ़ने और जीवन में कुछ बनने की शपथ ली। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा इस्लामपुर के नवोदय विद्यालय से की। बाद में उन्होंने फूड टेक्नोलॉजी में बी.टेक किया। लेकिन कुछ करने का जज्बा उनके मन को हमेशा कचोटता रहा। वे हर हाल में प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहते थे और आज एक पकौड़ा तलनेवाले एक शख्स के बेटे ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। बारामती तालुका के कटेवाड़ी के रहने वाले अल्ताफ शेख आईपीएस अधिकारी बनेंगे। उन्होंने 545वीं रैंक हासिल की है।

 

इससे पहले अल्ताफ ने 2015 में यूपीपीएससी की परीक्षा भी पास की थी। तब उनकी उम्र 22 साल थी। वह केंद्रीय गृह विभाग में डिप्टी एसपी के पद पर ज्वाइन कराये गये थे। शुरुआत में शेख उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में तैनात थे। इसके बाद फरवरी में उनका तबादला उस्मानाबाद कर दिया गया। नौकरी करते हुये उनका एक बार फिर से आईपीएस के लिए चयन हो गया है।
अल्ताफ शेख ने भी अपनी सफलता का श्रेय डिप्टी सीएम अजीत पवार को दिया है। पवार ने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिये बारामती में राष्ट्रवादी कैरियर अकादमी की शुरुआत की। अजीत पवार के निजी सहायक सुनील कुमार मुसाले ने भी इस अकादमी की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अल्ताफ ने इस अकादमी में पढ़ाई करने के बाद पहली बार यूपीएससी की परीक्षा पास की थी।
शेख की कामयाबी के लिए बारामती समेत पूरे पुणे में उनकी तारीफ हो रही है। राकांपा नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर शेख को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अल्ताफ बताते हैं- महंगे स्कूल में पढ़ने के लिये फीस के पैसे नहीं थे, इसलिये मैंने इस्लामपुर के नवोदय विद्यालय की परीक्षा उतीर्ण की और वहीं पढ़ाई की। पढ़ाई और स्कूल से लौटने के बाद अपने पिता के साथ चाय और पकौड़े बेचता था। किसी तरह अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद मैंने फूड टेक्नोलॉजी में बीए किया।
सरकारी नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की। केंद्रीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण। फिलहाल वह उस्मानाबाद में इंटेलिजेंस ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। लेकिन आईपीएस बनकर उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को जीत लिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद करने के उद्देश्य से सुनेत्रा पवार की पहल पर 2012 में राष्ट्रवादी करियर अकादमी की स्थापना की गई थी। इससे उनको करियर को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। (Input : www.livebavaal.com)

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