गंगा रिसर्च सेंटर और गंगा घाटों पर सजावट। Image Source : ANI

गंगा रिसर्च सेंटर को इंटरनेशनल पहचान देने की पहल, केंद्रीय टीम का दौरा, बेहतरीन पर्यटन केंद्र बनेगा

Patna : गंगा रिसर्च सेंटर सिर्फ पटना को ही नहीं बल्कि पूरे बिहार को एक अलग पहचान देगा। राजधानी पटना के कलेक्ट्रेट घाट पर बने गंगा रिसर्च सेंटर को शुरू करने के लिये नगर निगम ने नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की डिमांड की है। इसको अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर बनाने की परियोजना है। यही नहीं पटना के गंगा घाटों को बनारस की तर्ज पर डेवलप करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मूल रूप से पर्यटको के आकर्षण के हिसाब से काम किया जा रहा है। इसके लिये बुडको ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत बनाये गये गंगा रिसर्च सेंटर समेत तीन भवनों और गंगा के घाटों को पटना नगर निगम को सौंप दिया गया है। अब नगर निगम पर यह जवाबदेही है कि वे इनको खूबसूरत बनाये और पर्यटकों के केंद्र के रूप में डेवलप कर दे।

नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने कहा है- नमामि गंगे के तहत बनने वाले गंगा रिसर्च सेंटर समेत तीन भवनों और गंगा घाट को बुडको ने पटना नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया है। अब नगर निगम ने केंद्र सरकार से विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। इसके आलोक में लॉकडाउन के पहले नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के डीजी के नेतृत्व में केंद्र की टीम ने पटना के गंगा घाट का स्थल निरीक्षण किया है। इस टीम के साथ केंद्रीय पर्यटन विभाग के अधिकारी भी थे। इसको अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के रूप में विकसित करने की योजना है। कोरोना के कारण कार्य बाधित रहा है। इस महीने में प्रस्ताव प्राप्त होने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्ययोजना बनेगी।
गांधी सेतु से पूरब तीन घाट का निर्माण होगा। इनमें भद्रघाट, नौजरघाट और महावीर घाट शामिल हैं। वर्तमान में कलेक्ट्रेट घाट से राजाघाट के बीच 16 घाट का निर्माण पूरा हो गया है। इसमें केंद्र सरकार की 70 फीसदी और राज्य सरकार की 30 फीसदी हिस्सेदारी है। गंगा रिसर्च सेंटर परिसर में साफ-सफाई सुनिश्चित रखने के लिये संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है। ताकि, भव्यता बरकरार रहे।
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत कलेक्ट्रेट घाट पर गंगा रिसर्च सेंटर बना है जो करीब 3300 वर्गमीटर का है। पहले इसका नाम ईको सेंटर था। बड़हरवा घाट पर ऑडियो विजुअल थियेटर है जो करीब 770 वर्गमीटर में जी प्लस वन बिल्डिंग
है। इसके अलावा राजाघाट में कम्युनिटी कम कल्चरल सेंटर करीब 1500 वर्ग मीटर में बनाया गया है। गंगा किनारे कलेक्ट्रेट से राजाघाट के बीच नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 16 घाट, तीन बिल्डिंग और एक विद्युत शवदाह गृह का निर्माण किया गया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2019 में किया था। गंगा तट विकास परियोजना के तहत निर्माण पर 243.27 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।

साल 2019 में नमामि गंगे योजना के तहत पटना में 243 करोड़ से ज्यादा की लागत से 16 घाट, 3 भवन और एक शवदाह गृह लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया था। हैरानी की बात ये है कि लोकार्पण के 2 साल बाद भी इन भवनों में काम नहीं शुरू हो पाया है।

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