पंचायत चुनाव की प्रतीकात्मक तस्वीर। यह तस्वीर उत्तर प्रदेश में हुये पंचायत चुनावों के दौरान मतदान की हे। Image Source : PTI

30 करोड़ खर्च करके बोगस वोटिंग रोकने की पहल, थंब इम्प्रेशन से रोकेंगे बोगस वोटिंग

Patna : पंचायत चुनाव में बोगस वोटिंग रोकने के लिये इस बार नया प्रयोग किया जा रहा है। बायोमेट्रिक्स से जुड़ी ब्रांडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीइसीआईएल) कंपनी बायोमेट्रिकस (थंब इम्प्रैशन) की मार्फत आधार और वोटर के फोटो पहचान पत्र से फोटो का मिलान करेगी। इस तरह एक व्यक्ति को दोबारा बोगस वोटिंग करने से रोकेगी। सरकार की पहल पर प्रदेश में स्वच्छ, पारदर्शी और विवाद रहित पंचायत चुनाव कराने तथा सटीक मतगणना परिणाम सुनिश्चित कराने के लिये राज्य निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव इवीएम से कराने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में बीइसीआईएल द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में बायोमेट्रिक्स संबंधी कार्य का प्रदर्शन किया गया है। बीइसीआईएल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन केन्द्र सरकार का एक उद्यम है जो बायोमेट्रिक्स एवं फोटो कैप्चर कर त्वरित मिलान करने का कार्य करती है।

 

इस कार्य पर प्रति बूथ 25 सौ रुपये यानी कुल 30 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। बूथों पर कंपनी के प्रतिनिधि आधार के साथ वास्तविक समय सत्यापन के लिये बायोमेट्रिक अंगूठे के निशान को कैप्चर करेंगे। केंद्रों पर मतदाता पहचान पत्र या किसी अन्य अनुमोदित फोटो पहचान दस्तावेज के साथ मतदाताओं की फोटो का मिलान करेंगे। उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य चुनाव आयोग राज्य में पंचायत चुनाव कराने के लिये पूरी तरह से तैयार है। एसईसी ने मतदान अधिकारियों के साथ-साथ मतदाताओं के लिये विस्तृत दिशा-निर्देशों का एक सेट पहले ही जारी कर दिया है। गाइडलाइंस के मुताबिक पंचायत चुनाव के दौरान हर पोलिंग बूथ पर थर्मल स्कैनिंग की जायेगी और शरीर के उच्च तापमान वाले मतदाताओं को मतदान के अंतिम घंटे के दौरान मतदान करने के लिये कहा जायेगा। दिशा-निर्देशों का क्रियान्वयन जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी के माध्यम से किया जायेगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, उच्च शरीर के तापमान वाले मतदाताओं को एक से 100 तक के टोकन जारी किये जायेंगे और मतदान के अंतिम घंटे में मतदान करने के लिये कहा जायेगा। चुनाव अधिकारियों के लिये फेसमास्क पहनना और फेस शील्ड का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। चुनाव संबंधी गतिविधियों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को थर्मल स्कैनिंग से गुजरना होगा। हैंड सैनिटाइजर, साबुन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। COVID-19 के संबंध में राज्य और केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का विधिवत पालन किया जायेगा।
एसईसी उम्मीदवारों को अपना नामांकन ऑनलाइन दाखिल करने का विकल्प प्रदान करने पर भी विचार कर रहा है। चुनाव आयोग उन्हें अपनी वेबसाइट के माध्यम से नामांकन प्रारूप उपलब्ध करायेगा। उम्मीदवार इसका प्रिंटआउट भी ले सकते हैं और इसे भौतिक रूप से जमा करने के लिए भर सकते हैं। राज्य में 8003 पंचायतें हैं जहां मतदान होगा। कोविड के प्रकोप को देखते हुये मतदान केंद्रों की संख्या एक लाख 14 हजार कर दी गई है। कुल 6.38 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *