राजद नेता तेज प्रताप और जगदानंद सिंह की फाइल फोटो। Image Source : Photos cut from videos

तेज के तंज से जगदानंद तार-तार, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा, लालू-तेजस्वी मान-मनौव्वल में जुटे

Patna : राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव द्वारा उनके निर्देशों पर बार-बार ताना मारने और उनके मान को लगातार तार-तार किये जाने से परेशान पार्टी के बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने अभी तक सिंह का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। लालू प्रसाद स्वयं और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोनों ही दिग्गज नेता को इसे वापस लेने के लिये मनाने की कोशिश कर रहे हैं। व्यक्तिगत रूप से मिलकर अनुरोध करने और फोन पर बातचीत, मान-मनौव्वल का दौर चल रहा है। जगदानंद सिंह लालू प्रसाद के जाने-माने वफादार हैं और उन्होंने कई संगठनात्मक सुधार और तब्दीलियां की हैं। क्योंकि उन्हें राज्य राजद प्रमुख नामित किया गया था, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिलने के लिये राजनीतिक कार्यकर्ताओं की एक सुव्यवस्थित प्रणाली भी शामिल थी।

 

जगदानंद राजद के 2020 के चुनाव अभियान के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक थे और उन्हें टिकट वितरण और सामाजिक संयोजन बनाये रखने पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने का श्रेय दिया गया। तथ्य यह है कि उच्च जाति के राजपूत नेता को पार्टी में इतना महत्वपूर्ण स्थान दिया गया था, जिसे ईडब्ल्यूएस कोटा के राजद के विरोध के बाद उच्च जाति के मतदाताओं को शांत करने के लिये एक बड़े दावं की तरह देखा गया था। हालांकि, 5 जुलाई को राजद के स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय कार्यालय में आयोजित समारोह में तेज प्रताप ने परोक्ष रूप से सिंह पर निशाना साधते हुये कहा था कि वह “किसी के फरमान” को सुनने के लिये बाध्य नहीं हैं। तेज प्रताप ने कहा था- जगदानंद अंकल हमसे आजकल कुछ ज्यादा ही नाराज रहते हैं।
तेज प्रताप के इस तंज को जगदानंद बर्दाश्त नहीं कर सके। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सिंह ने खुद इस बात की पुष्टि या खंडन करने से इनकार कर दिया है कि उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है या नहीं। पूछने पर उन्होंने कहा- मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। मीडिया जो चाहे लिख सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने तेज प्रताप के कारण इस्तीफा दिया, सिंह ने कहा- मीडिया उनसे जवाब नहीं निकाल सकता।
सिंह के एक करीबी सूत्र के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है- जगदानंद सिंह लालू प्रसाद के अनुरोध पर पिछले विधानसभा चुनाव तक केवल एक साल के लिये राजद के प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिये सहमत हुये थे … और तेज प्रताप यादव अनुभवी नेता के प्रति अधिक सम्मानजनक हो सकते थे। तेज प्रताप का व्यवहार सम्मान पर आक्रमण था।
राजद के एक अन्य नेता ने कहा- सिंह के इस्तीफे के लिये उम्र भी एक बड़ा कारण हो सकता है। वह लंबे समय से लालू प्रसाद से उन्हें पार्टी संगठन की गंभीर जवाबदेहियों से राहत देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन तेज प्रताप का बार-बार ठहाका लगाना, तंज कसना उनके फैसले का कारण हो सकता है।

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