जदयू विधायक बोले- बिहार में मेडिकल का बुनियादी ढांचा ध्वस्त, मैंने 2 करोड़ दिये, वो कहां गया

New Delhi : जदयू के दो बार के रानीगंज विधायक अचमित ऋषिदेव ने बिहार के छोटे जिलों में खराब स्वास्थ्य ढांचे पर सवाल उठाया है। उनकी पत्त्नी का कोविड की वजह से हाल ही में निधन हो गया था। इसके बाद वे सरकारी व्यवस्था से काफी आहत हैं। ऋषिदेव ने बताया कि उनकी पत्नी को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत थी, जो अररिया और पास के फारबिसगंज में उपलब्ध नहीं था। मैंने मुरलीगंज में एक वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था की और अपनी पत्नी को अपनी कार में ले गया। लेकिन वह वहां पहुंचने से पहले ही मेरी पत्नी का निधन हो गया। घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी को अगर समय से इलाज मिलता तो वो बच जाती। उसे समय से ऑक्सीजन मिलता तो वो बच जाती। अगर चिकित्सा का बुनियादी ढांचा अच्छा होता तो वह बच जाती।

विधायक ने कहा- सरकार चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाकर लोगों की मदद करने की कोशिश कर रही है और मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है। लेकिन अररिया से हर कोई इलाज के लिए भागलपुर या पटना नहीं जा सकता है। मैंने अपनी पत्नी को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन नहीं कर सका। इसकी जिम्मेदारी किसी को तो लेनी चाहिए। मैं नहीं चाहता कि दूसरे लोग इस तरह से पीड़ित हों।
अररिया के सिविल अस्पताल को पीएम केयर्स के तहत छह वेंटिलेटर मिले थे, लेकिन सभी बेकार पड़े थे क्योंकि इसे चलाने के लिए कोई तकनीशियन या स्टाफ नहीं था। उन्होंने कहा- मैंने कोविड के लिये विधायक निधि से ₹ ​​2 करोड़ दिये। मैं पूछना चाहता हूं कि यह पैसा कहां गया। मैंने इसे अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए दिया था। मुझे सीएम नीतीश कुमार का फोन आया और मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया है। ऋषिदेव ने कहा कि उन्हें बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का भी फोन आया। मैंने पांडे जी से पूछा कि मेरी पत्नी के लिए कौन जिम्मेदार है? राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं पर गौर किया जाएगा।

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