File photo of nitish kumar. Photo- Agency

जदयू बोला- नीतीश में PM की सारी योग्यता लेकिन वे रेस में बिलकुल नहीं, मोदी ही हमारे पीएम

Patna : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर एक बड़े सवाल का अंत हो गया है। जैसा कि एनडीटीवी के मनीष कुमार कहते हैं- नीतीश कुमार ने पीएम बनने का सपना छोड़ दिया है। कम से कम उनके पार्टी का प्रस्ताव तो यही इशारा करता हैं कि जब तक नरेंद्र मोदी हैं फ़िलहाल तब तक कोई वेकन्सी नहीं। हालाँकि उनके पार्टी के अनुसार उनमें सब योग्यता हैं। रविवार को जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय परिषद ने यह प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में जाति जनगणना, जनसंख्या नियंत्रण कानून समेत अन्य मुद्दों पर जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 31 जुलाई को पारित पार्टी की राय से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर कहा- ये फालतू बात है। न इच्छा है और न ही अपेक्षा।

 

जदयू प्रदेश मुख्यालय के कर्पूरी सभागार में पार्टी नेता एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह, संसदीय बोर्ड अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह सहित जदयू राष्ट्रीय परिषद के करीब ढाई सौ सदस्य मौजूद रहे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीवन रंजन उर्फ ​​ललन सिंह ने एक अहम प्रस्ताव रखा। कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और वह एनडीए में पीएम उम्मीदवार भी हैं। इसलिए नीतीश कुमार इस पद के दावेदार नहीं हैं। लेकिन, हम मानते हैं कि नीतीश कुमार के पास पीएम पद के लिये आवश्यक सभी योग्यताएं और उच्चतम स्तर का समर्पण और क्षमताएं हैं। ललन सिंह के इस प्रस्ताव को जदयू राष्ट्रीय परिषद ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार झा और प्रदेश महासचिव नवीन कुमार आर्य की मौजूदगी में राष्ट्रीय परिषद के इस सर्वसम्मत प्रस्ताव की जानकारी मीडिया को दी। इस प्रस्ताव को पारित करने की आवश्यकता से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सवाल बार-बार उठता है। सभी शंकाओं को दूर करने के लिये प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय परिषद ने भी ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही ललन सिंह अब आधिकारिक तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
बैठक में कुल नौ प्रस्ताव पारित किये गये। त्यागी ने कहा कि जद (यू) उन अफवाहों का खंडन करता है कि जाति जनगणना से पिछड़े वर्गों को लामबंद किया जायेगा और यह उच्च जाति के खिलाफ है। जाति जनगणना सभी के पक्ष में है, खासकर गरीब सवर्णों के पक्ष में, यह वास्तविक आंकड़े देगा। इसे सिर्फ जदयू-भाजपा के तौर पर ही नहीं देखना चाहिये, देश भर की तमाम पार्टियां इसके पक्ष में हैं। प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में भी मामले की सुनवाई की। उन्होंने एक बार भी इस मांग को खारिज नहीं किया। जदयू राष्ट्रीय परिषद ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की।
जदयू के प्रधान महासचिव ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में समन्वय समिति बनाने की जरूरत है। राष्ट्रीय स्तर पर और बिहार स्तर पर भी समन्वय समिति का गठन किया जाए। इससे अनावश्यक बयानबाजी पर रोक लगेगी और किसी भी समस्या का समाधान हो जायेगा।

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