आखिर जीतन राम मांझी ने छोड़ ही दिया लालू का साथ, नीतीश के हो लिए

पटना
होना वही था जिसके संकेत काफी दिनों से दिख रहे थे। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने महागठबंधन का साथ किस वजह से छोड़ा आज स्पष्ट हो गया। जीतन राम मांझी ने आज सार्वजनिक घोषणा कर दी कि वो नीतीश के साथ जा रहे हैं। यानी पिछले दिनों तक महागठबंधन में रहकर नीतीश सरकार का विरोध करने वाले मांझी अब आगामी विधानसभा चुनाव को नीतीश के साथ लड़ेंगे। खैर ये राजनीति है और ऐसा होना भारत की राजनीति में एक आम बात समझी जाती है। बुधवार को सुबह जीतन राम मांझी ने अपने इस राजनीतिक फैसले से सबको अवगत करा दिया है।

यानी महागठबंधन का एक हिस्सा अब उनका नहीं रहा। इसके नुकसान क्या और कितने होंगे ये वक्त बताएगा। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी काफी दिनों से महागठबंधन से नाराज चल रहे थे। पिछले दिनों वो एक सरकारी कार्यक्रम में भी पहुंचे जिसकी जानकारी कार्यक्रम में ही सीएम नीतीश को हुई थी। तब सीएम नीतीश ने कार्यक्रम में आने के लिए मांझी का शुक्रिया अदा किया था। ये उन कुछ संकेतों में से एक था जिनसे लग रहा था कि मांझी औऱ नीतीश में करीबी बढ़ रही है।

राजनीति में कोई भी फैसला बिना राजनीतिक फायदे के नहीं लिया जाता है। ऐसा ही जीतन राम मांझी के इस फैसले में भी हुआ है। ऐसी चर्चाएं हैं कि नीतीश के साथ जाने के लिए माझी को विधानसभा चुनावों में 10 सीटों का वादा हुआ है। इसके अलावा हम के कुछ नेता जदयू के सिंबल पर भी चुनाव लड़ सकते हैं। जीतन राम मांझी भी सीट खाली होने पर जदयू कोटे से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है।

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