JNU में महाभारत, छात्रों के बीच जबरदस्त बवाल, टल सकता है चुनाव, चार लोग घायल

कुलपति ने कहा- कड़ी कार्रवाई की जाएगी, टल सकता है चुनाव, दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए, जेएनयू में फिर भिड़े छात्र, चार घायल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में गुरुवार देर रात जेएनयू परिसर में हुई आमसभा में वामपंथी छात्र संगठनों और एबीवीपी समर्थित छात्रों के बीच फिर हाथापाई हुई। इसमें चार छात्र घायल हो गए। उनका सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। छात्र संघ चुनाव से पहले दो बार छात्र संगठनों के बीच झड़प हो चुकी है।

दोनों संगठनों ने एक-दूसरे के ऊपर मारपीट का आरोप लगाया और घायलों की तस्वीरें व वीडियो साझा किए। इसमें छात्र एक-दूसरे से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। यह आमसभा चुनाव समिति के सदस्यों के चयन को लेकर हुई थी। इससे पहले भी सभा में दो समूहों के बीच हाथापाई और माइक छीनने की घटना हो चुकी है। जेएनयू कुलपति प्रो. शांतिश्री डी पंडित ने शुक्रवार को कहा कि आगामी छात्र संघ चुनाव भी टल सकता है। इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ उनकी राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जेएनयू कुलपति ने कहा कि छात्र संघ चुनाव, छात्रों द्वारा आयोजित किए जाते हैं। यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि यह एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया हो। अंतर-छात्रावास प्रशासन (आईएचए) चुनाव के संचालन पर नजर रखता है। छात्र संगठन की किसी भी शिकायत पर आईएचए द्वारा गौर किया जाएगा। दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ उनकी राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित प्राधिकारी एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। पंडित ने छात्रों को आगाह किया कि परिसर में झड़प की किसी भी गतिविधि के कारण विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को आगे टालना पड़ सकता है।

घटना का वीडियो वायरल : दोनों छात्र संगठनों के सोशल मीडिया पर घटना के कई वीडियो सामने आए हैं। एक में एक व्यक्ति कुछ छात्रों को डंडे से पीटता दिखाई दे रहा है। वहीं, एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति छात्रों पर साइकिल फेंकते दिखाई दे रहा है। घटना के एक अन्य कथित वीडियो में भी कुछ लोग अन्य लोगों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी उन्हें बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।

उधर, मारपीट के विरोध में आइसा ने शुक्रवार को जेएनयू के कैंपस में मशाल जुलूस निकाला।

घटना के बाद एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के समूहों ने अलग-अलग प्रेसवार्ता की। एबीवीपी ने कहा कि एक वीडियो में दूसरों को छड़ी से पीटते और साइकिल फेंकते दिख रहे दो छात्र जेएनयू इकाई के सदस्य हैं। दूसरी ओर, वाम समर्थित समूहों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों ने जेएनयूएसयू पदाधिकारियों और अन्य छात्रों पर हमला कर दिया। संयुक्त सचिव मोहम्मद दानिश ने दावा किया कि उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के कारण एबीवीपी सदस्यों ने जान से मारने की धमकी दी। दानिश जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष के साथ भाषा संस्थान की आम सभा की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बंधक बनाने का भी आरोप लगाया।

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