पुलिस की गिरफत में जूली और उसकी मां बबीता। Image Source : Vishal Kumar

वाराणसी में पकड़ी गई जूली पटना की, पिता बेचते हैं सब्जी, मां ने की 5 लाख की डील, जूली BDS की छात्र

New Delhi : बिहार के रंजीज डॉन से शुरू हुई मेधा चोरी की परंपरा दिनोंदिन बिहार में अपनी नींव मजबूत ही करती जा रही है। इसी कड़ी में NEET (नीट) यूजी परीक्षा के दौरान वाराणसी में रविवार को गिरफ्तार की गई छात्रा जूली पटना की निकली। वह बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है। वह एक स्कॉलर के रूप में उपस्थित हो रही थी। दूसरे की जगह परीक्षा में शामिल हो रही थी। वह पटना के संदलपुर की वैष्णवी कॉलोनी की रहने वाली है। पुलिस ने उसकी मां को भी गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची के पिता पटना में सब्जी बेचते हैं। उसने पुलिस को बताया कि उसकी मां को किसी “PK” ने संपर्क किया था और 5 लाख रुपये में डील हुई थी। 50 हजार रुपये बतौर एडवांस दिया था। वह अपने मां के कहने पर ही एग्जाम में बैठी थी। ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे मामले में बिहार गैंग ही इंगेज है।

पुलिस मान कर चल रही PK गिरोह का सरगना है और वह NEET UG और PG परीक्षाओं में स्कॉलर लगाकर धोखाधड़ी करता है। पीके ने इस परीक्षा में बैठने के लिये जूली की मां बबीता से पांच लाख की डील की थी। वाराणसी क्राइम ब्रांच की टीम ने छात्रा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में वाराणसी क्राइम ब्रांच की टीम पटना पुलिस के संपर्क में है। चार साल पहले दिल्ली पुलिस ने अतुल को अभिषेक के साथ वाराणसी से गिरफ्तार किया था। दोनों पर नीट परीक्षा में नकल करने का आरोप था। पुलिस को शक है कि वाराणसी में गिरफ्तार की गई लड़की ने जिस गैंगस्टर पीके का नाम लिया है, वह अतुल वत्स या अंशु से जुड़ा है।
पीके अब एक नये गिरोह के रूप में उभरा है। इससे पहले भी पटना में कई बार नीट यूजी पीजी और इंजीनियरिंग की परीक्षा में ठगी करने वाले गिरोह पकड़े जा चुके हैं। 8 अगस्त 2020 को पुलिस ने अतुल वत्स गैंग के रमेश, उज्जवल उर्फ ​​गजनी, सौरव सुमन, प्रशांत समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। तब से अतुल फरार है। इसके बाद 8 अगस्त 2021 को पुलिस ने आनंदपुरी में अंशु के घर पर छापेमारी कर उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि अंशु अपने साथियों गौरव, विवेक और भूषण के साथ नीट यूजी पीजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने के धंधे में लिप्त है। अंशु और अतुल वत्स अभी भी पटना पुलिस की हिरासत से दूर हैं। नीट परीक्षा में नकल की नाकाम कोशिश का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो कई अहम बातें सामने आईं।
गैंग की ए श्रेणी के एजेंट प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटरों में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की टोह लेते रहते हैं। इनसे वह धनी परिवारों के बच्चों और उनकी शिक्षा के स्तर के बारे में जानकारी एकत्र करता है। फिर वह किसी तरह उनके माता-पिता से मिलता है और उन्हें आश्वासन देता है कि उनके बच्चे को किसी भी हाल में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जायेगा।
वह अपनी बात के समर्थन में 2 से 3 साल में चुने गये बच्चों के फोटो और उनके नाम और पते भी दिखाते हैं। सॉल्वर गैंग के सरगना पीके के एजेंटों ने हिना और गोपाल विश्वास के साथ भी ऐसा ही किया। कैंडिडेट के साथ डील फाइनल होने के बाद गैंग के बी कैटेगरी के एजेंट मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों की जानकारी जुटाते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं।
गिरफ्तार जूली भी एक गरीब परिवार से है। सॉल्वर गैंग के एजेंट विकास कुमार महतो ने जूली को नहीं बल्कि उसकी मां बबीता देवी को 5 लाख का लालच दिया। समझाया कि 5 लाख रुपये में परिवार के दिन बहुर जायेंगे और आपके पति मुन्ना कुमार मेहता सब्जी बेचने के अलावा कोई और काम शुरू कर सकेंगे।
बबीता देवी लालच में पड़ गईं और उन्होंने अपने साथ अपनी बेटी का सुनहरा भविष्य बर्बाद कर दिया। वहीं जूली की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद बीएचयू प्रशासन ने भी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

जूली कुमारी ने बताया कि 2019 में जब उसने नीट की परीक्षा दी तो उसे 720 में से 522 अंक मिले। गैंग के लोगों ने उससे कहा कि बस 3 घंटे की बात है और हमारा दावा है कि कोई पकड़ा नहीं जायेगा।

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