अस्पताल का मॉडल।

कोसी को होली पर मिली बड़ी सौगात, मधेपुरा के खाड़ा में बनेगा अस्पताल

पटना : कोसी के लोगों को होली पर एक बड़ी सौगात मिली है। मधेपुरा के लोगों को दशकों बाद एक अस्पताल की मांग पूरी हुई है। उदाकिशुनगंज प्रखंड के खाड़ा में अस्पताल निर्माण के लिए शिलान्यास हो गया है। सरकारी अस्पताल का निर्माण खाड़ा-सिंगारपुर मुख्य सड़क किनारे किया जाएगा। इस अस्पताल के बनने से खाड़ा पंचायत के लोगों को स्वास्थ्य सेवा के लिए दूसरे प्रखंड या जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अस्पताल के निर्माण पर 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अस्पताल भवन के निर्माण के लिए टेंडर फाइनल हो गया है। चयनित एजेंसी को छह महीने में भवन निर्माण पूरा करने के लिए कहा गया है। वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति के लिए सिविल सर्जन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि इस अस्पताल के बनने से करीब 50 हजार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।

अस्पताल। तस्वीर-सोशल मीडिया।

प्रखंड अस्पतालों में इलाज के साथ मुफ्त खाना भी मिलेगा
बिहार में अब सभी प्रखंड अस्पतालों में मरीजों को समुचित इलाज के साथ स्वादिष्ट खाना भी मिलेगा। जीविका के माध्यम से दीदी की रसोई योजना के तहत मरीजों को मुफ्त खाना दिया जाएगा। अब तक अनुमंडल अस्पतालों में यह सुविधा बहाल थी। राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष सह ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने यह जानकारी दी। मंत्री गुरुवार को शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद विभाग को बजट प्रावधान और वास्तविक उपलब्धि की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इधर, सूबे में गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग घर-घर हो रही है। ताकि गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के तहत एक अप्रैल 2021 से अब तक 7 लाख 22 हजार 620 गैर संचारी रोगों के मरीज मिले हैं। पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक 1 लाख 47 हजार 784 डायबिटीज की स्क्रीनिंग, 1 लाख 24 हजार 495 हाईपरटेंशन, 17 हजार 380 ओरल कैंसर, 3704 ब्रेस्ट कैंसर, 1655 सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग हुई है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभाग घर-घर स्क्रीनिंग करवा रहा है।

100 एपीएचसी बनेंगे मॉडल अस्पताल, गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज होगा
100 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (एपीएचसी) को मॉडल अस्पताल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 100 एपीएचसी को मॉडल अस्पताल बनाकर वहां गंभीर बीमारियों का निशुल्क इलाज और जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यह कार्य किया जाना है। इन एपीएचसी की आधारभूत संरचना मजबूत की जाएगी। जरूरत के मुताबिक कमरे बनाए जाएंगे, उपकरण और उपस्कर लगाए जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति ने केंद्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के समक्ष वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तावित योजना बजट प्रस्ताव के तहत एपीएचसी को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई है। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की पूर्व में बैठक हो चुकी है।

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