मंत्री बनने के बाद पहली बार पटना पहुंचे आरसीपी सिंह का भव्य स्वागत। Image Source : tweeted by @RCP_Singh

आरसीपी के स्वागत समारोह से ललन, उपेन्द्र ने बनाई दूरी, कहा- सारे प्रोग्राम में शामिल हों, जरूरी नहीं

Patna : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संवाददाताओं से बात करने के दौरान एक सवाल पर हंस पड़े। सवाल पार्टी में गुटबाजी से जुड़ा था। मुख्यमंत्री ने हंसते हुये कहा- कहीं कोई गुटबाजी नहीं है। कोई शक्ति परीक्षण नहीं है। ऐसी कोई बात नहीं है। सबकुछ फालतू है। कोई मतभेद नहीं। लेकिन शाम होते-होते मतभेद उभर कर सामने आ गये। जदयू के पूर्व अध्यक्ष और मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किये गये आरसीपी सिंह मंत्री बनने के बाद पहली बार पटना आये तो ऐसा लगा मानो काबुल जीतकर आ रहे हों। पूरे सड़क पर स्वागत के पोस्टर, बैनर भर दिये। कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतार शक्ति परीक्षण किया। वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा उनके स्वागत समारोह में नहीं गये। कुशवाहा तो सवाल पूछने पर तिलमिला उठे- सारे प्रोग्राम में जाना जरूरी है?

 

आज केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह के स्वागत समारोह में जदयू में गुटबाजी खुलकर सामने आई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा समेत उनके समर्थकों ने आरसीपी के स्वागत से दूरी बना ली। जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा आरसीपी के पटना पहुंचने से पहले ही जहानाबाद यह कहकर निकल गये कि उन्हें स्वागत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इस बारे में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मुझे निमंत्रण नहीं मिला है। मुझे मीडिया से पता चला कि वह (आरसीपी) आज पटना आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा- आरसीपी सिंह के स्वागत में लगाये गये बैनर पोस्टर से ललन सिंह की तस्वीर का गायब होना असहनीय है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह हैं, उनकी केंद्रीय भूमिका है, सभी को पता होना चाहिये। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भी दावा किया कि पार्टी में गुटबाजी नहीं है। आरसीपी सिंह ने भी पटना पहुंचकर कहा कि उनके और ललन सिंह के बीच कोई मनमुटाव नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नीतीश कुमार ही पार्टी के नेता हैं और बाकी सब उनके निर्देश पर काम करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जदयू यानी जनता दल यूनाइटेड, फिर विवाद की बात कहां से आई।
पूरे विवाद की शुरुआत आरसीपी सिंह के पटना लौटने पर उनके स्वागत के पोस्टरों में ललन सिंह की तस्वीर न होने से हुई। इसको लेकर जब विवाद बढ़ने लगा तो नये-नये पोस्टर लग गये। एक दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी में मनमुटाव की बात को खारिज करते हुये कहा था कि जब ललन सिंह अध्यक्ष बने तो उनका स्वागत किया गया और अब वह आरसीपी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होकर आ रहे हैं, उनका स्वागत किया जा रहा है।

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