एयरपोर्ट पर लालू प्रसाद को रिसीव करने पहुंचे तेज प्रताप। Image Source : screengrab

लालू इज बैक- भकचोंधर है भक्त चरणदास, कांग्रेस को टिकट देते तो जमानत जब्त हो जाती चुनाव में

Patna : राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद करीब साढ़े तीन साल बाद राजधानी पटना पहुंच गये हैं। पटना आने से पहले दिल्ली में बीमार दिख रहे लालू प्रसाद पुराने तेवर में नजर आये। हालांकि इस बार पहला निशाना कांग्रेस बनी। उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन टूटने पर कहा कि अगर उप चुनाव में कांग्रेस को एक सीट पर लड़ने देते तो कांग्रेस की जमानत जब्त हो जाती। चुनाव सीट जीतने के लिये होता है। हारने के लिये नहीं।
जब संवाददाताओं के उनसे पूछा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भक्त चरणदास ने राजद पर इल्जाम लगाया है कि उसने भाजपा से सांठगांठ कर ली है तो उन्होंने कहा- हम तो पहले से बोल रहे थे, भकचोंधर हैं भक्त चरणदास। मूलरूप से बिहारी शब्द भकचोंधर का मतलब होगा- स्टूपिड, अदूरदर्शी, बेवकूफ।

 

लालू प्रसाद के पटना पहंचने पर उनके समर्थकों का हुजूम पटना में उमड़ पड़ा है। चारों तरफ जाम लगा है।
दरअसल, लालू प्रसाद का भक्त चरण दास को भकचोंधर कहना वास्तव में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार का जवाब है। बिहार में राजद-कांग्रेस गठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास पर राजद द्वारा लगातार हमले किये जा रहे हैं। 22 अक्टूबर को जब कन्हैया कुमार सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे, तो उन्होंने भक्त चरण दास पर बयान देने वाले राजद नेता मनोज झा पर हमला किया था।
कन्हैया ने कहा था कि एक पढ़ा-लिखा नेता लाठैत की भाषा बोलता है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास के बारे में बोलते हैं। अगर वे नहीं होते तो हम जैसे और जिग्नेश जैसे लोग कांग्रेस में नहीं होते। प्रवक्ता जो भक्त चरण दास के बारे में बोल रहे हैं, वह ड्राइंग रूम में अपने गुरु से पूछ लें कि भक्त चरण दास कौन हैं?
आज राजद के ‘मास्टर’ ने कन्हैया कुमार की इसी बात का जवाब देते हुये भक्त चरण दास को भकचोंधर कहा है। इससे पहले मनोज झा ने दिल्ली में कहा था कि भक्त चरण दास को अपनी समझ बढ़ानी चाहिये। भक्त चरण दास को न तो बिहार की समझ है, न बिहार की राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों की समझ है और न ही राजद के संघर्षों की।
लालू प्रसाद के बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल शर्मा ने कहा कि इसी कारण लोकप्रिय होने के बावजूद लालू प्रसाद प्रधानमंत्री नहीं बन पाये। कहा कि जब चंद्रशेखर प्रधानमंत्री थे, तब भक्त चरण दास उनके मंत्री थे। वह जयप्रकाश नारायण द्वारा गठित छात्र संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय संयोजक भी थे।
अनिल शर्मा ने कहा कि बिहार के उपचुनाव में लालू प्रसाद को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। लालू प्रसाद अपने जीवनकाल में अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने का सपना पूरा नहीं कर पायेंगे।

एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि लालू प्रसाद ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। कांग्रेस इसकी निंदा करती है। राजनीति में इज्जत का ख्याल रखना चाहिये। अगर यही रवैया रहा तो कांग्रेस भी संयम तोड़ने में पीछे नहीं रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *