राम मंदिर के नायक कल्याण सिंह को अंतिम विदाई। Image Source : PTI

जय श्रीराम उद्घोष से अंतिम विदाई- राम जन्मभूमि की ओर जाने वाली सड़क अब कल्याण सिंह मार्ग

New Delhi : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राम मंदिर के नायक कल्याण सिंह के नाम पर अयोध्या के मुख्यमार्ग का नामाकरण होगा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की ओर जाने वाली सड़क का नाम राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखा जायेगा। कल्याण सिंह का 89 वर्ष की आयु में शनिवार रात निधन हो गया। जय श्रीराम के उद‍्घोष के साथ सोमवार को उनको अंतिम विदाई दी गई। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- अयोध्या के अलावा लखनऊ, प्रयागराज, बुलंदशहर और अलीगढ़ में एक-एक सड़क का नाम उनके नाम पर रखा जायेगा। इस बीच कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार सोमवार को बुलंदशहर जिले के नरोरा के राजघाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ करने की तैयारी चल रही है।

अहिल्या बाई होल्कर स्टेडियम में रखे गये भाजपा नेता के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव माधोली ले जाया गया है और वहां से उन्हें नरोरा के राजघाट ले जाया गया। सिंह का शनिवार रात लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। रविवार रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि देते हुये सिंह को ”भारत माता का सच्चा सपूत” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के दिग्गज नेता को उनकी पीढ़ी के उन नेताओं में माना जायेगा जिन्होंने अपने दौर की भारतीय राजनीति को गहराई से प्रभावित किया। सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये योगी आदित्यनाथ ने कहा- भगवान राम के लिये सिंह का प्यार ऐसा था कि उन्हें पद के लालच की परवाह नहीं थी। जब उन्हें दोनों के बीच चयन करना था।
रविवार को लखनऊ पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके अंतिम दर्शन किये। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड‍्डा समेत पार्टी के तमाम नेताओं ने लखनऊ पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन किये। सिंह को 4 जुलाई को गंभीर हालत में एसजीपीजीआई की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने कहा कि सेप्सिस और बहु-अंग विफलता के कारण उनकी मृत्यु हो गई। सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे जब 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में “कारसेवकों” की भीड़ द्वारा बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था।

भाजपा के दिग्गजों लालकृष्ण आडवाणी और एमएम जोशी के साथ, वह पिछले साल सितंबर में विध्वंस मामले में बरी किये गये 32 लोगों में शामिल थे। उन्होंने 1990 के दशक में उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (Input : www.livebavaal.com)

 

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