बिहार: बांका में ‘घास’ उगा लाखों कमा रहे किसान, न खाद की चिंता, न पशुओं का डर, जानें तरीका

पटना

खेती अब परंपरागत रूप से करते रहने वाली चीज नहीं रह गई है। अन्य क्षेत्रों की तरह अब इसमें भी अच्छे खासे प्रयोग होने लगे हैं। और जो इन प्रयोगों को आत्मसात कर मन से खेती में जुटा है उसे धरती माता का आशीर्वाद भी मिल रहा है। अब आप बांका के किसानों को ही ले लीजिए। कल तक जो जमीन बंजर पड़ी थी, आज उन्हें उपज देकर लाखों रुपये कमाने का मौका भी दे रही है। अगर हम आपको बताएं कि ये उपज एक घास की है, जिससे पैसे बन रहे हैं तो आप सहसा यकीन न कर पाएं।

इस घास ने बंजर जमीन को भी उपयोगी बना दिया

असल में यहां जिस घास की बात की जा रही है, उसका नाम लेमन ग्रास है। इस साल जुलाई में पीएम मोदी ने जब अपने मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र किया तो देश के करोड़ों लोगों तक इसकी जानकारी पहुंची। असल में पीएम झारखंड की महिला किसानों की तारीफ कर रहे थे, जो इस लेमन ग्रास को उपजा अपनी किस्मत संवार रही हैं। लेकिन ये लेमन ग्रास अब बिहार के किसानों के किस्मत को भी संवारती नजर आ रही है और इसकी शुरुआत हुई है बांका से।

कम उपजाऊ जमीन पर भी उगती है

बांका में फिलहाल 800 एकड़ से अधिक की जमीन पर लेमन ग्रास उपजाई जा रही है। इसमें से अधिकतर जमीन ऐसी थीं, जहां कोई खेती नहीं होती थी। असल में लेमन ग्रास की खेती कम उपज देनी वाली जमीनों में भी होती है। इसकी खेती काफी आसान है। एक बार पौधा लगाने पर इसमें 5 सालों तक हर साल 3-4 फसल (पत्तियों के रूप में) प्राप्त की जा सकती है। लेमन ग्रास की खेती में सिंचाई की भी जरूरत काफी कम होती है। अमूमन एक एकड़ की खेती में 20-25 हजार रुपये तक का खर्च आता है। फसल करीब 4 मीहने में तैयार होती है तो करीब एक लाख की आमदनी एक कटाई में होती है।

इसका तेल भी है महंगा

अगर आप इसके डंठल का तेल निकलवा इसका बिजनेस करते हैं, तो जान लें कि इस तेल की कीमत बाजार में 3000 रुपये लीटर है। असल में ये सुंगधित पौधों की श्रेणी में आती है। सौंदर्य प्रसाधन संग कीटनाशक और दवाओं को बनाने में भी इसका इस्तेमाल होता है।

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