सांसद शशि थरूर, निशिकांत दुबे और महुआ मोइत्रा। Image Source : Agencies

महुआ मोइत्रा ने 3 बार बिहारी गुंडा बोला, निशिकांत बोले- यही है हमको लेकर TMC की मानसिकता

Patna : गोड‍्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा पर अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि आईटी कमेटी की मीटिंग के दौरान महुआ मोइत्रा ने उनके लिये “बिहारी गुंडा” शब्द का इस्तेमाल किया। हालांकि महुआ मोइत्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा जो व्यक्ति कमेटी की मीटिंग में था ही नहीं उसके लिये मैं इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल क्यों? और कैसे करूंगी। हालांकि कई भाजपा सांसदों ने इसे बड़ा मुद‍्दा बना दिया है। गोरखपुर से भाजपा के सांसद रवि किशन ने इसको बेहद अपमानजनक करार देते हुये कहा कि मैंने तो तृणमूल कांग्रेस के लोगों से शिष्ट व्यवहार की उम्मीद बहुत पहले ही छोड़ दी है। हमें प्रताड़ित करने के लिये इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है।

इस मसले पर सांसद निशिकांत दुबे ने ट‍्वीट किया- लोकसभा @loksabhaspeaker जी अपने 13 साल के संसदीय जीवन में पहली बार गाली सुना, तृणमूल कॉंग्रेस की सदस्य महुआ मोइत्रा द्वारा बिहारी गुंडा आईटी कमिटि के मीटिंग में तीन बार बोला गया @ombirlakota जी @ShashiTharoor जी ने इस संसदीय परम्परा को ख़त्म करने की सुपारी ले रखी है।
यह सारा विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को अपने पद के भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुये संसद की सूचना प्रौद्योगिकी पैनल के प्रमुख के पद से हटाने की मांग की। निशिकांत दुबे ने बुधवार को विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया और शशि थरूर को आईटी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष को दिये गये नोटिस में अनुरोध करते हुये कहा गया – यह कहने की जरूरत नहीं है कि इस ‘सज्जन’ ने न केवल एक प्रतिष्ठित समिति के लोकतांत्रिक कामकाज को भंग कर दिया है, बल्कि अपने राजनीतिक आकाओं के प्रति अत्यधिक उच्च स्तर की चाटुकारिता का भी प्रदर्शन किया है, जो अभी भी झूठा है। हमारे देश और उसके लोकतांत्रिक संस्थानों को धीरे-धीरे नष्ट करके शासन करने और सूचना प्रौद्योगिकी समिति के वर्तमान अध्यक्ष की तरह अपने साथियों के माध्यम से हंगामा कराने की योजना है।

 

भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि वह शशि थरूर को पद से हटाये जाने तक बैठक में शामिल नहीं होंगे। निशिकांत की यह प्रतिक्रिया भाजपा सांसदों के संसद के चल रहे मानसून सत्र का हवाला देते हुये मंगलवार को आईटी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक के बहिष्कार के एक दिन बाद आई।

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