पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फाइल फोटो। Image Source : Agencies

मांझी बोले- शराबबंदी कानून में सिर्फ गरीब ही जेल के भीतर, अमीर तो खूब गटक रहे शराब

New Delhi : बिहार में शराबबंदी के मामले पर नीतीश कुमार की सरकार हमेशा से घिरी रही है। सरकार के अंदर के लोग भी चाहते हैं कि इस कानून को हटाया जाना चाहिये। पर वोट बैंक का भय कहीं न कहीं ज्यादातर नेताओं को सताता है इसलिये कोई खुलकर सामने नहीं आता। पर यदाकदा इस कानून के खिलाफ स्वर भी बुलंद होते ही रहते हैं। खासकर बिहार में इस कानून को लेकर जो मौजूदा परिस्थितियां हैं, उससे तो यही लगता है कि इससे तो अच्छा था कि दुकानें ही खुली रहतीं। क्योंकि दारू तो हर जगह मिल जा रही है, बस कीमत दोगुनी देनी पड़ती है। लोगों का तो यह तक कहना है कि शराब की होम डिलिवरी भी होती है। यही कारण है कि आयेदिन पुलिस याराब से लदे ट्रक जब्त करती है। ऐसी आशंका है कि जितने ट्रक शराब से लदे मिलते हैं, उससे कहीं ज्यादा खपा दिये जाते हैं।

बहरहाल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की मांग की है। एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी ना के बराबर है। शराबबंदी के कारण जेल में बंद एक तिहाई हिस्सा गरीब का है। दिल्ली पहुंचे मांझी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुये शराबबंदी के मसले पर अपने दिल की बातें साझा की। उन्होंने बिहार में इस कारोबार की और कानून की आड़ में गरीबों के साथ हो रहे अन्याय की पोल खोल कर रख दी है।
मांझी ने न्यूज चैनल से कहा- इसमें काफी पैसा खर्च हो रहा है। विषैले शराब के सेवन से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। गरीब को कहा जा रहा है कि ये शराब पी रहे हैं। वहीं दूसरे लोग, जो खूब शराब पीते हैं, उन्हें कुछ नहीं कहा जा रहा है। शराब पीने के मामले में जो लोग जेल में हैं, उनमें एक तिहाई हिस्सा गरीब का है। उनके बाल-बच्चे आज बिलख रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में मांझी ने कहा- एनडीए में प्रधानमंत्री की वैकेंसी नहीं है। पर, ऐसा कोई समय आया तो नीतीश कुमार में देश चलाने की क्षमता है। बिहार में भी एनडीए पूरी तरह एकजुट है। बिहार सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। वहीं उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। कहा कि तेजस्वी यादव अपने क्षेत्र में वर्षों बाद गये थे तो उन्हें काले झंडे दिखाये गये। सरकार गिरने की बात कह रहे हैं, पर उनके ही विधायक नाखुश हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *