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मनोज बाजपेयी के पिता का निधन, दिल्ली के हॉस्पिटल में इलाजरत थे

Patna : बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी के पिता राधाकांत बाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद रविवार की सुबह 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कुछ हफ्ते पहले राधाकांत बाजपेयी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर सुनते ही उनके गांव में शोक की लहर है। वह बिहार के बेतिया कस्बे के पास एक छोटे से गांव बेलवा के रहने वाले थे। सितंबर के महीने में मनोज बाजपेयी के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उस समय अभिनेता केरल में शूटिंग कर रहे थे। जैसे ही उन्हें इस बारे में बताया गया तो उन्होंने शूटिंग बंद कर दी और परिवार के पास पहुंच गये। जब उनके पिता की तबीयत में थोड़ा सुधार हुआ, तो मनोज बाजपेयी शूटिंग पर लौट आये। उनके पिता पिछले कुछ समय से लगातार अस्वस्थ चल रहे थे।

हाल ही में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुये मनोज बाजपेयी ने कहा था- मेरे पिता ने हमेशा पहले पढ़ाई पूरी करने की सलाह दी थी। 18 साल की उम्र में मैं बिहार के एक गांव से दिल्ली आया था। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। स्नातक की पढ़ाई पूरी की जो मेरे पिता का सपना था। वह नहीं चाहते थे कि मैं अपनी पढ़ाई छोड़ दूं। मैं वास्तव में उनके सपनों को पूरा करना चाहता था और किसी तरह मैंने कोर्स पूरा किया और डिग्री हासिल की।
बता दें कि दो दिन पहले ही मनोज बाजपेयी को एक बड़ा अवार्ड भी मिला था। एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवार्ड्स की हाल ही में घोषणा की गई थी और भारत में, कोंकणा सेनशर्मा और मनोज बाजपेयी ने बड़ी जीत हासिल हुई। अभिनेताओं को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवार्ड्स रचनात्मक उत्कृष्टता के लिये एशिया पैसिफिक का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है।
अमेज़न प्राइम वीडियो के द फैमिली मैन ने पिछले साल एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवार्ड्स में चार बड़े पुरस्कार जीते थे। इस साल, एक प्रमुख भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मनोज बाजपेयी को द फैमिली मैन सीज़न 2 में उनके प्रदर्शन के लिये मिला। उन्होंने पिछले साल भी यही पुरस्कार जीता था।

 

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शो में, मनोज बाजपेयी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक काल्पनिक शाखा, थ्रेट एनालिसिस एंड सर्विलांस सेल (TASC) के एक वरिष्ठ विश्लेषक श्रीकांत तिवारी की मुख्य भूमिका निभाई।

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