बेटे के शहीद होने की खबर मिलते ही बेसुध हो गई मां। Image Source : Live Bihar

22 को घर आनेवाले थे शहीद लेफ़्टिनेंट ऋषि, बहन की शादी 29 को, इकलौते बेटे की खबर सुन मां बेसुध

Patna : जम्मू कश्मीर में शहीद बिहार के सपूत लेफ़्टिनेंट ऋषि रंजन अपनी बहन की शादी में 22 नवंबर को बेगूसराय के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचनेवाले थे। उनकी बहन की शादी 29 नवंबर को तय थी। लेफ़्टिनेंट ऋषि रंजन की यह पहली पोस्टिंग थी।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रदधांजलि दी है।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, बारूदी सुरंग विस्फोट में लेफ्टिनेंट ऋषि रंजन और कांस्टेबल मंजीत सिंह शहीद हो गये। ऋषि रंजन बिहार के बेगूसराय जबकि मंजीत पंजाब के बठिंडा जिले के सिरवेवाला गांव के रहने वाले थे।
लेफ्टिनेंट ऋषि रंजन की शहादत की सूचना मिलते ही बेगूसराय में मातम छा गया है। बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित प्रोफेसर कॉलोनी निवासी राजीव रंजन के बेटे ऋषि एक साल पहले ही लेफ़्टिनेंट बनकर कश्मीर गये थे। वह मूल रूप से लखीसराय के पिपरिया के रहने वाले थे, लेकिन कई दशक पहले से जीडी कॉलेज के पास पिपरा रोड में रह रहे। उनके दादा रिफाइनरी में काम करते थे, जिसके कारण परिवार यहां बस गया।

लेफ़्टिनेंट की शहादत खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शहीद के पिता राजीव रंजन ने बताया कि करीब साढ़े सात बजे फोन पर सूचना मिली। पिता ने यह भी कहा कि उसने 4 दिन पहले मां से बात की थी और कहा था कि बहन की शादी के लिये छुट्टी ले ली है।
इकलौते बेटे की मौत से माता-पिता बेसुध हैं। ऋषि अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था और अपने पिता के दो भाइयों का इकलौता चिराग था।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास एक अग्रिम चौकी के पास हुए विस्फोट में सेना के अफसर और जवान दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये। विस्फोट नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में हुआ और सेना के जवानों को पास के एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि नौशेरा सेक्टर राजौरी जिले के अंतर्गत आता है जो जम्मू में पीरपंजाल क्षेत्र का हिस्सा है जहां पिछले तीन हफ्तों से सेना का अभियान चल रहा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट‍्वीट किया- लखीसराय के पिपरिया के मूल निवासी व बेगूसराय में बसे राजीव रंजन जी के लेफ़्टिनेंट पुत्र ऋषि रंजन जम्मू कश्मीर में शहीद हो गये हैं। यह पूरे परिवार व क्षेत्र के लिए बहुत पीड़ा दायक है, उनकी बहादुरी को सलाम। ईश्वर परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे। ॐ शान्ति।

समाचार एजेंसी एएनआई ने भारतीय सेना के अधिकारियों के हवाले से कहा है- शनिवार को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में हुये एक रहस्यमय विस्फोट में भारतीय सेना के एक अधिकारी और एक सैनिक की जान चली गई।
हालांकि विस्फोट की सही प्रकृति का अभी पता नहीं चला है, मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ एक अग्रिम चौकी पर गश्त करते हुये सेना की टीम ने एक बारूदी सुरंग पर कदम रखा।
समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से अधिकारियों ने गश्ती दल को निशाना बनाने के लिये आतंकवादियों द्वारा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के इस्तेमाल की संभावना से इंकार नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि विस्फोट में घायल हुये लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सेना की ताजा हताहत ऐसे समय में हुई है जब उसने पुंछ जिले में एक तलाशी और विनाश अभियान में दो जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) सहित अपने नौ सैनिकों को खो दिया है। पुंछ में ऑपरेशन शनिवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया, लेकिन अधिकारी आतंकियों का पता नहीं लगा पाये हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि पुंछ और राजौरी में चल रहा ऑपरेशन 2003 के बाद से क्षेत्र में सबसे लंबा है। अप्रैल-मई 2003 में, सेना ने पुंछ जिले के सुरनकोट बेल्ट के हिल काका इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था और इसमें 83 आतंकवादी, जिनमें अधिकांश विदेशी भाड़े के थे मारे गये थे।

उनका मानना ​​है कि अत्याधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों को कथित तौर पर स्थानीय लोगों का समर्थन प्राप्त है। पीटीआई के हवाले से एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को दो महिलाओं समेत दर्जनों लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया।

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