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मायावती का ऐलान- किसी भी बाहुबलि, माफिया को टिकट नहीं दूंगी, मुख्तार अंसारी मऊ से आउट

New Delhi : बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश चुनावों के मद‍्देनजर एक बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने मऊ से बाहुबली मुख्तार अंसारी को पार्टी टिकट न देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को चुनाव में नहीं उतारेगी, जिस पर आपराधिक मामले चल रहे हैं या आपराधिक प्रवृत्ति का है। लोगों के बीच बाहुबलि की छवि रखनेवाले लोगों को भी बसपा टिकट नहीं देनेवाली है। मायावती ने ट‍्विटर पर इसकी जानकारी दी है। यह मुख्तार अंसारी के लिये एक बड़ा तमाचा होगा तो अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के लिये बड़ी चुनौती। अखिलेश को अब यह हर हाल में साबित करना होगा कि वे गंडे बाहुबलियों के साथ नहीं हैं। समाजवादी पार्टी मूलरूप से मावालियों, गुंडों और बाहुबलियों की वजह से ही आम लोगों में बदनाम रही है। मुलायम युग से ही यह प्रचलन चला आ रहा है और अखिलेश भी इसको समाप्त न कर पायें।

इस मामले की जानकारी देते हुये मायावती ने ट‍्वीट किया- बीएसपी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाये। इसके मद्देनजर ही आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी का नहीं बल्कि यूपी के बीएसपी स्टेट अध्यक्ष श्री भीम राजभर के नाम को फाइनल किया गया है।
उन्होंने एक दूसरे ट‍्वीट में कहा है- जनता की कसौटी व उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के प्रयासों के तहत ही लिये गये इस निर्णय के फलस्वरूप पार्टी प्रभारियों से अपील है कि वे पार्टी उम्मीदवारों का चयन करते समय इस बात का खास ध्यान रखें ताकि सरकार बनने पर ऐसे तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने में कोई भी दिक्कत न हो।
मायावती ने पार्टी के स्टैंड को क्लियर करते हुये लिखा है- बीएसपी का संकल्प ’कानून द्वारा कानून का राज’ के साथ ही यूपी की तस्वीर को भी अब बदल देने का है ताकि प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि बच्चा-बच्चा कहे कि सरकार हो तो बहनजी की ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ जैसी तथा बीएसपी जो कहती है वह करके भी दिखाती है यही पार्टी की सही पहचान भी है।

माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी का दबदबा ऐसा था कि एक जमाने में मऊ से लेकर आसपास के तमाम जिलों तक उसकी तूती बोलती थी। कभी खुली जिप्सी की छत पर सवार मुख्तार अंसारी इलाके का चक्कर लगाते नजर आया करते थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाहुबली विधायक से मिलने और उनके काम की गुहार लगाने वालों की भीड़ लगी रहती थी। मुख्तार के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। जिनमें से 15 मामलों की सुनवाई अभी चल रही है। एक समय था जब पूर्वांचल के सभी जिलों को जीतने के लिये बड़े-बड़े राजनेता मुख्तार के करीब रहते थे। मुख्तार चाहे जेल में रहे या बाहर, उन्होंने बड़ी आसानी से चुनाव जीतना जारी रखा। मुख्तार अंसारी गाजीपुर जिले के थाना मोहम्मदाबाद का हिस्ट्रीशीटर है। उनके इतिहास पत्र की संख्या 16-बी है।
वैसे योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही यूपी में हालात तेजी से बदलने लगे। मुख्तार और उनके सहायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। सरकार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार द्वारा अवैध व्यवसायों से अर्जित संपत्ति को कुर्क कर लिया है। अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। मुख्तार और उनके सहयोगियों की अब तक करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति को सील या लैंडलॉक किया जा चुका है।

उसके गिरोह की बाकी बेनामी अवैध संपत्तियों की पहचान की जा रही है। मुख्तार अंसारी गैंग के अब तक 98 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 75 के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मुख्तार गैंग के 72 शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

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