घटना के बाद किसानों ने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इलाके में तनाव है। Image Source : Agencies

मंत्री अजय मिश्रा के बेटे पर लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनरत किसानों को रौंदने का आरोप, 8 की मौत

New Delhi : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर हमले की निंदा करते हुये संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (MoS) अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और इस घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसान संघ ने अजय मिश्रा को पद से बर्खास्त करने की भी मांग की। आशीष मिश्रा ने रविवार को लखीमपुर खीरी में कथित तौर पर अपनी कार से किसानों को रौंद डाला जो उनका विरोध काले झंडे दिखाकर कर रहे थे। एडिशनल एसपी अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई है। संयुक्त किसान मोर्चा, जो केंद्र के तीन कृषि कानूनों को खत्म करने के लिये आंदोलन का नेतृत्व कर रही है, ने MoS और उनके लोगों पर तुरंत हत्या के मामला दर्ज करने की मांग की है और कहा कि अजय मिश्रा को तुरंत उनके पद से बर्खास्त किया जाना चाहिये।

बता दें कि रविवार को एक कार्यक्रम से पहले, किसान लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में केंद्र के तीन कृषि बिलों का विरोध कर रहे थे। इस कार्यक्रम में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शामिल होने थे और किसान डिप्टी सीएम को काले झंडे दिखाने की योजना बना रहे थे।
उपमुख्यमंत्री को वहां उतरने से रोकने के लिये हजारों किसानों ने आज सुबह महाराजा अग्रसेन मैदान के हेलीपैड पर काले झंडों के साथ कब्जा कर लिया। इसके बाद दोपहर करीब 2.45 बजे मिश्र और मौर्य का काफिला सड़क मार्ग से तिकोनिया चौराहे से गुजरा, तभी किसान उन्हें काले झंडे दिखाने के लिये दौड़े। इस दौरान काफिले में मौजूद अजय मिश्रा के बेटे आशीष ने अपनी कार किसानों पर चढ़ा दी। यह देख किसान भड़क गये। उन्होंने आशीष मिश्रा की कार समेत दो वाहनों में आग लगा दी।
मंत्री के बेटे आशीष की कार रोकने की कोशिश में एक महिला कांस्टेबल समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गये। इधर, घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री योगी ने एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को लखीमपुर भेजा है।
इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन के अनुसार इनमें से 2 की वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि 4 की मौत पलटने से हुई। बाकी 2 लोगों की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। इस घटना के बाद गुस्साये किसानों ने तोड़फोड़ की और दो वाहनों में आग लगा दी।

किसान संघ ने इस घटना की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की भी मांग की है। इस बीच, घटना के बाद, किसान संघ ने घोषणा की है कि किसान सोमवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक देश भर के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिये तैयार हैं।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा- लखीमपुर खीरी की घटना बहुत दुखद है। इस घटना ने एक बार फिर सरकार का क्रूर और अलोकतांत्रिक चेहरा उजागर कर दिया है। सरकार और सरकार में बैठे लोगों ने आज फिर दिखाया कि किसान आंदोलन को दबाने के लिये सरकार किस हद तक गिर सकती है। लेकिन सरकार यह भूल रही है कि हम अपने अधिकारों के लिये मुगलों और फिरंगियों के आगे नहीं झुके। सरकार को आगे किसान के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिये। किसान मर सकता है लेकिन डरेगा नहीं।
उन्होंने एसकेएम की मांग दोहराई कि यूपी सरकार को आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करना चाहिये और कहा- अगर सरकार को होश नहीं आया, तो भाजपा के एक भी नेता को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जायेगा। राकेश टिकैत ने किसानों से शांति बनाये रखने की अपील की और कहा कि जीत किसानों की ही होगी।

इधर, रविवार देर शाम गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने घटना में अपने बेटे के शामिल होने से इनकार किया। मिश्रा ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच घुसे कुछ शरारती तत्वों ने उनके काफिले में सवार तीन भाजपा कार्यकर्ताओं और एक वाहन के चालक की पिटाई कर दी। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि उनका बेटा मौके पर मौजूद नहीं था।

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