संवाददाताओं से बात करते मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री। Image Source : tweeted by @VishvasSarang

MP के मंत्री बोले- महंगाई की समस्या नेहरू के 1947 के लाल किले के भाषण से शुरू हुई, मोदी ने सब दुरुस्त किया

New Delhi : मध्य प्रदेश में भाजपा नेता और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को कहा कि महंगाई की समस्या एक या दो दिन में नहीं उठती। अर्थव्यवस्थाएं एक दो वर्षों में खड़ी नहीं होती। बढ़ती महंगाई के लिये नेहरू परिवार जिम्मेदार है। 15 अगस्त 1947 में लाल किले की प्राचीर से जवाहरलाल नेहरू के भाषण की “गलतियों” के कारण अर्थव्यवस्था चरमराने लगी। अगर देश के पहले प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी ने अर्थव्यवस्था को अच्छी स्थिति में छोड़ दिया होता तो मुद्रास्फीति नियंत्रण में होती। महंगाई पर नियंत्रण रहता। बढ़ती कीमतों और अन्य मुद्दों पर कांग्रेस द्वारा योजनाबद्ध विरोध के बारे में भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुये सारंग ने कहा – देश की आजादी के बाद अर्थव्यवस्था को पंगु बनाकर महंगाई बढ़ाने का श्रेय अगर किसी को जाता है, तो वह नेहरू परिवार ही है।

उन्होंने कहा- महंगाई एक-दो दिन में नहीं बढ़ती। अर्थव्यवस्था की नींव एक-दो दिन में नहीं रखी जाती है। 15 अगस्त, 1947 को लाल किले की प्राचीर से जवाहरलाल नेहरू द्वारा दिये गये भाषण की गलतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था खराब हुई है। दूसरी ओर, नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले सात वर्षों में अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। मंत्री ने दावा किया कि भाजपा शासन के दौरान महंगाई कम हुई है और लोगों की आय बढ़ी है। उन्होंने चुटकी लेते हुये कहा – कांग्रेस कार्यकर्ताओं को “10 जनपथ” (पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का आवास) के सामने विरोध करना चाहिये।
बाद में पीटीआई से बात करते हुये सारंग ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित थी, लेकिन नेहरू ने इसकी उपेक्षा की। हमारी आबादी का सत्तर प्रतिशत हिस्सा कृषि पर निर्भर है, लेकिन उन्होंने इस क्षेत्र की परवाह नहीं की। ग्रामीण अर्थव्यवस्था टिकाऊ और आत्मनिर्भर थी। उन्होंने इसमें अपनी पश्चिमी मानसिकता डाल दी और गांव की अर्थव्यवस्था को खत्म कर दिया। सारंग ने कहा कि वर्तमान स्थिति के लिए नेहरू की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण ठीक था, लेकिन इसे कृषि पर आधारित होना चाहिये था।
मंत्री ने कहा- अगर औद्योगीकरण कृषि पर आधारित होता तो हमारी स्थिति अलग होती। कश्मीर विवाद और आंतरिक सुरक्षा और सीमा पार मुद्दे जैसी समस्याएं जो नेहरू के समय की हैं, अभी भी बनी हुई हैं और इसने हमारी अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है। भाजपा नेता ने कहा- मुद्रास्फीति नियंत्रण में होती, अगर कांग्रेस और नेहरू ने अर्थव्यवस्था को अच्छी स्थिति में छोड़ दिया होता और औद्योगीकरण कृषि पर आधारित होता।
इस बीच, राज्य के कांग्रेस नेताओं ने सारंग की टिप्पणियों का उपहास उड़ाया। एमपी कांग्रेस के प्रवक्ता के के मिश्रा ने कहा- शिवराज (मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान) सर्कस के योग्य मंत्री विश्वास सारंग 1947 में नेहरू के भाषण पर देश की महंगाई को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जब वह पैदा भी नहीं हुये थे। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में, क्या वे बता सकते हैं कि क्या नेहरू ही कोरोनोवायरस महामारी के दौरान बेड, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कमी के कारण हजारों मौतों के लिये जिम्मेदार हैं।
कांग्रेस के एक अन्य प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा – मप्र में भाजपा का मंत्रालय अजीबोगरीब लोगों से भरा है। एक मंत्री बिजली पोल की मरम्मत के लिये ऊपर चढ़ना शुरू करता है। एक बात करता है कि एक जोड़े को कितने बच्चे होने चाहिये, तो दूसरा कहता है कि एक सेल्फी के लिये पैसे लिये जाने चाहिये। अब एक मंत्री 75 साल पहले दिये गये भाषण को महंगाई के लिये जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। फिर भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार में महंगाई से राहत का वादा क्यों किया? (Input : Live News, www.livebavaal.com)

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