रिंग रोड।

मुजफ्फरपुर रिंग रोड जोड़ेगा एनएच 20, एनएच 57 और एनएच 102 को, 6 जिलों को होगा फायदा

पटना : मुजफ्फरपुर में रिंग रोड बनने से सात जिलों को फायदा होगा। मुजफ्फरपुर जाम से मुक्त हो जाएगा। इसके अलावा पटना समेत छह जिलों को आवागमन में राहत मिलेगी। मुजफ्फरपुर में रिंग रोड बनने के बाद गाड़ियां शहर के बाहर से ही दूसरे हिस्से में चली जाएंगी। इससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। प्रस्तावित रिंग रोड के प्रारूप के मुताबिक यह एनएच-20, एनएच 57 और एनएच 102 को जोड़ेगा। इन एनएच के जुड़ाव से समय का बचत होगा। कई प्रखंडों की दूरी कम हो जाएगी। वैसे इस रिंग रोड के निर्माण में तिरहुत नहर का पेंच फंस रहा है। विभाग से इसके लिए एनओसी की मांग की जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक एनएच-77 में मधौल से निकला रिंग रोड एनएच-28 में काजीइंडा के पास मिल जाएगा। यह बुधनगरा-रजवाड़ा पथ में मणिका के पास बूढ़ी गंडक क्रॉस करते हुए एनएच-57 में मझौली के पास मिलेगा। इससे तीनों एनएच आपस में जुड़ जाएंगे। पटना और बेगूसराय से आने वाले वाहन शहर के प्रमुख चौक कच्ची-पक्की, रामदयालु, गोबरसही, भगवानपुर, चांदनी चौक, जीरोमाइल, बखरी होते हुए एनएच-57 की ओर से जाते हैं। इससे सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी की ओर जानेवाले वाहन से शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। इस रिंग रोड के बनने से वाहनों को बाइपास से शहर के बाहर होकर गुजारा जाएगा। इतना ही नहीं एनएच-102 से निकला रिंग रोड लदौरा रोड होते हुए एनएच-77 में मिल जाएगा। इस परियोजना में भू-अर्जन समेत 344 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 43.615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इस रिंग रोड की चौड़ाई 12 मीटर होगी।

सड़क।

5 शहरों में बनेगा रिंग रोड
राजधानी पटना की तरह बिहार के पांच और शहरों में रिंग रोड बनाया जाएगा। इनमें भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया का नाम फाइनल हो चुका है। जबकि दो शहरों के चयन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। पथ निर्माण विभाग दो और शहरों के चयन को लेकर विचार कर रहा है। विचाराधीन शहरों में भोजपुर, कटिहार, बेगूसराय, छपरा, दरभंगा हैं। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन दो शहरों का चयन इस आधार पर किया जा रहा है कि भविष्य में वहां ट्रैफिक लोड और दूसरे जिलों से कनेक्टिविटी कितनी जरूरतमंद रहेगी। इसके अलावा विभाग जिलों के ऐतिहासिक, पर्यावरणिक और धार्मिक महत्व को भी देख रहा है। वैसे कुछ अधिकारियों का कहना है कि भोजपुर और दरभंगा का नाम तय ही मानिए। बस मंजूरी की मुहर लगनी बाकी है। बता दें पांच शहरों में ट्रैफिक लोड के सर्वे के बाद पथ निर्माण विभाग ने केंद्र सरकार को रिंग रोड बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को इसी हफ्ते केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग परिवहन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब कुछ कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार को प्रस्ताव की मंजूरी के साथ काम शुरू कराने का आदेश मिल जाएगा। खास बात है कि रिंग रोड के लिए पांच चयनित शहरों की पुरानी सड़कों को ही शामिल किया गया है।

पटना में बन रिंग रोड
फिलहाल बिहार में सिर्फ राजधानी पटना में रिंग रोड बनाया जा रहा है। यहां के बढ़ते ट्रैफिक लोड को कम करने के लिए तीन साल से रिंग रोड का निर्माण कार्य जारी है। यहां बिहटा एयरपोर्ट के पास कन्हौली से रिंग रोड शुरू बनना शुरू हुआ है। यह नौबतपुर, डुबरी, बेलदारीचक, रामनगर, सबलपुर, बिदुपुर, सराय, अस्तिपुर, नया गांव, दिघवारा, शेरपुर होते हुए कन्हौली में ही आकर मिलेगा।

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