इलाहाबाद यूनिवर्सिटी पर नेहा का भोजपुरी गाना वायरल, पर इन्हें नहीं आ रहा पसंद

अभिनेता मनोज वाजपेयी ने एक गाना गाया था ‘मुंबई में का बा।’ बिहार की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने इसके बाद बिहार में का बा नामक गीत गाया था। इसे लेकर खूब विवाद हुआ था। नेहा ने एक बार फिर से एक और नए विवाद को अपने गाने के जरिए जन्म दे दिया है। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, जो कि पूरब के ऑक्सफोर्ड के नाम से भी जाना जाता है, अपने गाने में उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र संघ पर कई तरह के आरोप लगाए हैं, जिसकी वजह से उनके गाने को सोशल मीडिया में जबरदस्त विरोध झेलना पड़ रहा है।

विवादों में रहना पसंद

Bihar Assembly Election 2020: 'La Suna Jabab…', Neha Singh Rathore Hits  Back at NDA With New Song | India.com

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शोध कर रहे कुंवर सिंह ने लिखा है कि विवादों में रहना नेहा को बहुत पसंद है। इसलिए वे इस तरह की बातें उठाती रहती हैं। उन्होंने लिखा है कि नेहा उनकी फेसबुक फ्रेंड तो नहीं हैं, लेकिन जो भी नेहा को जान रहे हैं, उन्हें नेहा को अपने पेज और फेसबुक वाल से इस गीत को हटाने के लिए कहना चाहिए। विश्वविद्यालय की गरिमा को इससे ठेस पहुंच रही है। यह गीत केवल एक कल्पना भर है और कुछ भी नहीं।

‘गाने में इनका जिक्र भी होना चाहिए था’

कौन हैं नेहा सिंह राठौर? जानें इस खबर में - डाइनामाइट न्यूज़

उसी तरीके से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग के शैलजा कांत ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि नेहा को अपने गाने में यह भी जिक्र करना चाहिए था कि उत्तर प्रदेश की पीसीएस की परीक्षा में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सैकड़ों अधिकारियों का चयन हुआ है। यहां के विधि विभाग से 75 सिविल जज निकल कर गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि बम केवल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ के चुनाव में नहीं फूटते। ऐसे गीत गाकर नेहा नकारात्मकता फैला रही हैं।

नहीं गाएं ऊलजुलूल

इसी तरह से एक और छात्र ने नेहा के इस गाने पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की संस्कृति के बारे में सबसे पहले आपको जानना चाहिए। यहां के सीनियर्स के सहयोग के बारे में आपको पता होना चाहिए। कुछ भी ऊलजुलूल गाकर इस तरीके से आप एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचा सकतीं।

नेहा ने मांगी मदद

सोशल मीडिया में बुरी तरीके से ट्रोल हो जाने के बाद नेहा सिंह राठौर ने एक फेसबुक पोस्ट करके मदद भी मांग ली है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय को लेकर गाए गए मेरे गीत को लेकर लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू कर दिया है। आलोचनात्मक अंदाज में मैं हमेशा अपनी बातें रहती हूं। फर्जी गर्वोन्माद से बाहर आकर लोगों को सोचने की जरूरत है। उन्होंने मदद मांगते हुए कहा है कि उनकी प्रोफाइल को रिपोर्ट किया जा रहा है।

नेहा ने कहा

नेहा ने कहा है कि इस गीत को लेकर आहत होने वाली बात बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि अब यह पहले वाला इलाहाबाद विश्वविद्यालय नहीं रह गया है। विश्वविद्यालय के मूल्यों को नष्ट करने का काम आज के छात्र यहां कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *