मदरसे में विस्फोट की जांच NIA करेगी! विदेशी संपर्क सूत्रों के दावों को DM-SP ने खारिज कर दिया

Patna : बिहार के बांका के एक मदरसे में विस्फोट की घटना की जांच के बाद जो बाते निकल कर सामने आ रही है उसने पूरे देश को चौंका दिया है। खबर ऐसी है कि इस दुर्घटना में अपनी जान गंवानेवाला मौलाना खुद ही विस्फोटकों से बम बना रहा था। यही नहीं इसमें आईइडी के इस्तेमाल किये जाने की सूचना है। इन तथ्यों के बाहर आने के बाद से सरकार के होश फाख्ता हो गये हैं। इस विस्फोट में मदरसा नेस्तनाबूद हो गया और मस्जिद के एक दीवार गिर गई। मस्जिद को भी काफी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने इसको शुरुआत में महज एक एक्सीडेंट मानकर चल रही थी। लेकिन पुलिस जांच में जिस तरह के खुलासे हो रहे हैं, उससे मौलाना के मंसूबों पर सवाल उठना लाजिमी है। ऐसे में यह खबर आ रही है कि इस पूरे मामले की जांच पड़ताल का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अपने हाथ में ले सकती है। हालांकि बांका के डीएम और एसपी ने इस घटना में सबको क्लीनचिट दे दिया है। कहा धमाका देसी बम से हुआ। कोई विदेशी कनेक्शन नहीं है।

 

बता दें कि मंगलवार को बिहार के बांका जिले के एक मदरसे में विस्फोट की घटना के बाद विदेशियों के भी इस घटना से जुड़े होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे में एनआईए इस मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। इस मामले से अवगत अधिकारियों ने कहा कि संघीय एजेंसी की एक टीम के शुक्रवार को विस्फोट स्थल का दौरा करने की उम्मीद है। फिलहाल इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एनआईए द्वारा विस्फोट में प्रयुक्त विस्फोटक की प्रकृति की जांच किये जाने की उम्मीद है, जिसमें अब्दुल मोमिन सत्तार की जान चली गई और चार घायल हो गये। विस्फोट से मदरसा का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
फिलहाल बिहार के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह बात पता चली कि अब्दुल मोमिन सत्तार ने 17 से 19 मई तक झारखंड के देवघर और चतरा जिलों के बीच यात्रा के लिये ई-पास लिया था। केंद्रीय एजेंसियां ​​​​विस्फोटक की मात्रा की जांच कर रही है। सब आश्चर्य में हैं कि विस्फोटक की मात्रा कितनी थी कि छत नीचे धराशायी हो गई। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बात की और कहा कि बड़ी मात्रा में कुछ शक्तिशाली विस्फोटकों के उपयोग से छत नीचे गिर गई है।
केंद्रीय एजेंसियां ​​किसी आतंकी मॉड्यूल की संभावना की जांच कर रही हैं। पता करने की कोशिश कर रही है कि क्या आसपास के लोग इंटरनेट के जरिये किसी विदेशी के संपर्क में थे? पुलिस उस वाहन की भी तलाश कर रही है जिसमें इलाज के दौरान सत्तार की मौत हुई थी। सत्तार का शव तो मिल गया, जबकि एक कार में सवार चार लोग भागने में सफल रहे।
भागलपुर के उप महानिरीक्षक सुजीत कुमार ने कहा कि सत्तार को कार में ले जा रहे चार संदिग्ध इस बात का सुराग दे सकते हैं कि वास्तव में क्या हुआ था। उन्होंने कहा कि फरार आदमी का मोबाइल नंबर मिल गया है। हालांकि डीएम और एसपी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर इस ब्लास्ट कांड के किसी भी तरह आतंकी कनेक्शन की बात को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह विस्फोट साधारण देसी बम से हुआ है। विस्फोट की वजह से मदरसे की दीवार गिरी और दीवार गिरने की वजह से उसकी छत भी ढह गई।
डीएम और एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मदरसे में जो विस्फोट हुआ था, वह महज देसी बम का विस्फोट था। उन्होंने कहा कि मदरसे में देसी बम एक कंटेनर में रखा था। किसी तरह बम विस्फोट कर गया, जिससे मदरसे की दीवार गिर गई। दीवार गिरने से ही छत ढह गई। इस ब्लास्ट को लेकर प्रत्येक एंगल से पुलिस ने जांच की है, जिसमें किसी शक्तिशाली विस्फोटक के ब्लास्ट करने की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में आईईडी के इस्तेमाल का भी कोई सुराग नहीं मिला है।

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