नीतीश, नितिन, सम्राट, शहनवाज मंत्री बनेंगे, CM नीतीश के लिये भाजपा बढ़ायेगी मुश्किलें

New Delhi : बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां जोर पकड़ने लगी है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी थिंक टैंक अधिकांश नये चेहरों को ही मौका देने के पक्ष में नजर आ रहा है। ऐसे में पटना के विधायक नितिन नवीन और विधान परिषद् के रास्ते सदन में भेजे जा रहे शहनवाज हुसैन के लिये मंत्रिमंडल का रास्ता लगभग तय लग रहा है। ऐसी उम्मीद है कि शकुनी चौधरी के सुपुत्र सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री डा़ जगन्नाथ मिश्रा के सुपुत्र नीतीश मिश्रा को अपने अपने जाति कोटे से मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। दोनों ही पहले भी मंत्री रहे हैं और नीतीश कुमार के गुडबुक में नहीं हैं लेकिन भाजपा दोनों को प्रमोट करके नीतीश कुमार की बेचैनी बढ़ा सकती है।

दोनों के मंत्री बनाये जाने की संभावना है। नीतीश मिश्रा के लिये यह वापसी होगी तो शहनवाज का डिमोशन

वैसे शहनवाज हुसैन के लिये भी यह बेहद अजीबोगरीब पल साबित हो रहा है। कभी वाजपेयी सरकार के मंत्रिमंडल का चमकता चेहरा रहने वाले और केंद्र की राजनीति करनेवाले शहनवाज हुसैन को एकाएक एमएलसी का टिकट दे दिया गया। और अब अगर वे मंत्रिमंडल में शामिल किये जाते हैं तो वहां भी जूनियर पोजिशन में ही रहेंगे। पॉलिटकल सर्किल में तो साफ है कि शहनवाज हुसैन जहर का घूंट पीकर ही बिहार की राजनीति कर रहे हैं। वैसे मार्केट में ऐसी हवा जरूर बनाई जा रही है कि उन्हें बड़ी जवाबदेही दी जायेगी लेकिन ऐसा कुछ होने नहीं जा रहा है। सारी बातें हवाहवाई ही हैं। सबका प्रमोशन होगा और शहनवाज हुसैन डिमोट होकर मंत्री पद पायेंगे और उसमें भी महत्वपूर्ण विभाग की उम्मीद कम ही है।
भाजपा हर उस कोशिश में लगी है जिससे इस सरकार में उसका वर्चस्व दिखता रहे। मुख्यमंत्री भले ही नीतीश हों लेकिन वे खुलकर काम नहीं कर पायें, नियंत्रण में रहें। अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर ही नीतीश कुमार कई बार यह कह चुके हैं कि देरी भाजपा की ओर से हो रही है। और इधर जब भाजपा ने लिस्ट फाइनल शुरू करने की कोशिश की है तो ऐसे नाम चुने जा रहे हैं जो बरबस ही विरोधाभास का ध्यान खींचते हैं।
भाजपा ऐसी कोशिश में जुटी है कि मंत्रिमंडल में उसके ज्यादा मंत्री हों। अभी तक इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। जदयू अड़ा है कि मंत्री बराबर में होंगे। भाजपा जब अपने मंत्रियों के नाम पर अंतिम मुहर लगा देगी तो यह भी साफ हो जायेगा कि मंत्री दोनों दल के बराबर हैं या स्थिति दूसरी है। बहरहाल मंत्री पद के रेस में ई शैलेन्द्र, ज्ञानेंद्र सिंह, नीरज बबलू के नाम भी शामिल हैं। जदयू कोटे से संजय झा, महेश्वर हजारी, बीमा भारती, दामोदर रावत, गोपाल मंडल, सुमित कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।

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