गन्ना और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। Image Source : Live Bihar

अब भागलपुर में बड़े पैमाने पर होगा गन्ना उत्पादन, किसानों को 45 हजार मिलेगा अनुदान

पटना : सिल्क सिटी के नाम से प्रसिद्ध भागलपुर में अब बड़े पैमाने पर गन्ना उत्पादन किया जाएगा। सरकार छह साल बाद गन्ना किसानों की मदद करने जा रही है। आधा हेक्टेयर में बीज तैयार करने के लिए एक हजार क्विंटल की दर से 30 क्विंटल आधार बीज दिया जा रहा है। इसके लिए पीरपैंती के किसान अवधेश कुमार को चयनित किया गया है। आधा हेक्टेयर में अगले 300 क्विंटल बीज तैयार हो जाएगा। बीज तैयार होने के बाद अगले साल पांच हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाएगी। एक हेक्टेयर में 60 क्विंटल बीज की जरूरत होती है। किसान सरकारी अनुदान पर गन्ने की खेती करेंगे। वित्तीय वर्ष 2015-16 तक किसानों को अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराया जाता था। इसके बाद गन्ना किसानों को कोई मदद नहीं दी जा रही थी। अब छह साल के बाद राज्य सरकार को किसानों की मदद करने के लिए कदम उठाई है। अब सरकार गन्ना किसानों को अनुदान देने का निर्णय ली है। सरकार ने इस साल तीन गन्ना किसानों को क्रॉसर एवं कड़ाह देने का निर्णय है। क्रॉसर एवं कड़ाह की कीमत 90 हजार है। किसानों को 45 हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी।

घर में गुड़ तैयार करती महिला।

किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
गन्ना की खेती करने वाले किसानों को विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस साल बांका एवं भागलपुर के 40-40 किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में गन्ना किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। किसानों को गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

विदेशों में भी भागलपुरी गन्ने की मांग
भागलपुर के गन्ने में काफी मिठास होता है। यही वजह है कि यहां के गन्ने की मांग देश भर ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी रही है। कई राज्यों के लोग भागलपुरी गन्ने से तैयार गुड़ लेने के लिए यहां आते हैं। धान, गेहूं समेत अन्य फसलों के मुकाबले गन्ने से किसानों को पहले काफी मुनाफा हुआ करता था। सरकार भी पहले गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करते थे। मगर, अनुदान बंद होने की वजह से किसानों का इसकी खेती करना मुश्किल हो गया था। ऐसे में गन्ने की खेती का रकबा धीरे-धीरे काफी कम होता चला गया।

कोसी में ऑगेर्निक गन्ने की खेती की संभावना अधिक
सहरसा, सुपौल और मधेपुरा क्षेत्र में व्यापाक स्तर पर गन्ने की खेती के लिए सरकार किसानों को प्रशिक्षण दिलाएगी। इन क्षेत्र के किसानों को गन्ने की खेती में विशेषज्ञ बनाया जाएगा। किसानों को उन्नत बीज भी विभाग की ओर से दिया जाएगा। इतना ही नहीं गन्ने की खेती और खंसारी उद्योग लगाने वाले किसानों को अलग-अलग 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगी। सहरसा में पिछले 15 वर्षों से बंद गन्ने की खेती के प्रति किसानों में जागरुकता लाने के लिए अगले महीने सरकारी स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। इस साल विभाग को एक हजार एकड़ में गन्ने की खेती शुरू करने का लक्ष्य दिया गया है। राज्य सरकार के गन्ना उद्योग और विधि विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार यह जानकारी दी। मंत्री प्रमोद ने बताया कि सहरसा में ऑगेर्निक गन्ने की खेती की संभावना अधिक है। इस गन्ने से तैयार जूस और गुड़ की काफी अधिक मांग है। मंत्री ने कहा कि गन्ने पर आधारित छोटे-छोटे कुटीर उद्योग लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कहा कि अब देश भर में चीनी से अधिक गन्ने के दूसरे उत्पाद की मांग बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *