मधेपुरा के निलंबित बीइओ। Image Source : Live bihar/Vishal Kumar

8 लाख में शिक्षक की नौकरी बेचनेवाला अफसर निलंबित, मंत्री की अपील- भ्रष्टाचार की शिकायत करें, सबका भला होगा

Patna : बिहार में मेधा और एजुकेशन के नाम पर मजाक हो रहा है। यहां अब सबकुछ बिकाऊ हो गया है। एक बार फिर से यह बात साबित हो गई है। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई नहीं कि इन पदों को बेचनेवाले सामने आने लगे हैं। ऐसे ही एक मामले में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) को निलंबित कर दिया गया। बस निलंबित किया गया है, जबकि उसे जाना चाहिये था जेल। शिक्षक की नौकरी आठ लाख रुपये में बेचने वाले रिश्वतखोरी का ऑडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। बीईओ मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में तैनात था। उसका नाम सूर्य प्रसाद यादव है।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को कहा- वायरल हुये बीईओ के ऑडियो की जांच की गई है। जांच में आरोप सही पाये गये हैं। इसके बाद कार्रवाई की गई है। मामले की और गहराई से जांच कर विभागीय कार्यवाही की जायेगी। आवश्यकता पड़ने पर पूरी जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जायेगी। शिक्षा मंत्री ने लोगों से अपील की है कि शिक्षक नियोजन के दौरान जो भी अनियमितताएं या भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती हैं, उन्हें विभाग के संज्ञान में लायें ताकि गलत करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
ऑडियो सुनने से साफ पता चलता है कि पंकज कुमार नाम का शख्स गुड्डू नाम के उम्मीदवार से फोन पर बात करता है और अपना परिचय देकर बीईओ को फोन सौंप देता है। बीईओ ने अपनी बातचीत में गुड्डू को आश्वासन दिया कि अगर वह 8 लाख रुपये की व्यवस्था करता है, तो नौकरी पक्की हो जाती है। वह यहां तक ​​कह देते हैं कि बीडीओ साहब सह योजना इकाई के सचिव अपने उम्मीदवार से 10 लाख लेने को तैयार हैं, लेकिन यह सीट गुड्डू को ही दी जायेगी। पद पाने के लिये उसे भुगतान तो करना ही पड़ेगा।
वायरल ऑडियो में बीईओ यहां तक ​​कह रहे हैं कि जेल जा चुके उनके एक रिश्तेदार को भी नौकरी मिल गई, हालांकि वह आता-जाता भी नहीं है। अधिकारी पैसे के दम पर अपने सभी रिश्तेदारों को शिक्षक बनाने का दावा कर रहे हैं। बीईओ ने गुड्डू से कहा- जो पैसा लिया जायेगा उसमें 6-7 हितधारक हैं। शेयरधारकों में डीईओ और डीडीसी भी शामिल हैं। इसलिये उनके पास ज्यादा कुछ नहीं बचेगा।
फिलहाल राज्य में 94 हजार सीटों के लिये दो चरणों की काउंसलिंग हो चुकी है। अब अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी मिलने वाला है। कई नियोजन इकाइयों से भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

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