पप्पू यादव को आज भी नहीं मिली बेल : रूडी एम्बूलेन्स विवाद के बाद 32 साल पुराने मामले में जेल में

Patna : बत्तीस साल पुराने मामले में पप्पू यादव को आज भी बेल नहीं मिला। ऐसे में जनाधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव के समर्थकों की खुशी कुछ ही देर में काफूर हो गई। पहले बताया गया कि पप्पू यादव को बेल मिल गया है। कई मीडिया हाउस ने भी बेल मिल जाने की खबर चला दी। हालांकि कोर्ट में सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। पहले यह खबर आई कि बेल आर्डर मिल गया है और अभी रिलीज आर्डर की प्रतीक्षा की जा रही है। इसी प्रत्याशा में 1.30 बजे दिन में जश्न मनाने का प्रोग्राम भी बना लिया गया। लेकिन अभी जैसे ही बेल रिजेक्ट होने की सूचना मिली सारे कार्यक्रम रद कर दिये गये। पप्पू यादव के प्रशंसकों में घोर हताशा का माहौल छा गया है। उनको बेल मिलने की खुशी मनाने के लिये ढोल नगाड़े भी मंगा लिये गये थे लेकिन सब धरा का धरा रह गया।

बेल रिजेक्ट होने की खबर सुनने के बाद निराश समर्थक।

उन्हें पिछले दिनों पटना से बंदी बनाकर जेल भेज दिया गया था जबकि कोरोना संकट में वो लोगों की मदद में लगे हुये थे। लेकिन गांधी मैदान में उसको तब बंदी बनाया गया जब उन्होंने राजीव प्रताप रूढ़ी के घर पर एम्बुलेन्स से बालू ढोने और कई एम्बूलेन्स के बंद कर, छिपाकर रखने का मामला उजागर किया था। जन अधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव ने भले ही पब्लिक हित में काम किया हो लेकिन सरकार में ये किसी को बर्दाश्त नहीं हुआ। और उन्हें बत्तीस साल एक ऐसे केस में पकड़ लिया, जिस परिवार से उनका समझौता भी हो गया था और पप्पू यादव हाल ही में उन पर केस करनेवाले के बेटे की शादी में शामिल भी हुये थे। कहने का मतलब बस इतना कि जिसने आरोप लगाया, जिस पर लगाया दोनों में दोस्ती हो गई लेकिन 32 साल बाद सरकार ने उस केस का फायदा उठा लिया।

पप्पू यादव फिलहाल दरभंगा मेडिकल कॉलेज में अपना इलाज करा रहे हैं। इससे पहले आज सुबह 8:00 बजे सेशन कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। पप्पू यादव के वकीलों ने जमानत दिए जाने के पक्ष में दलील रखी और इसके बाद सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने फैसला रिजर्व रख लिया। पप्पू यादव के समर्थक कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रहे है।
जेल में बंद जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव स्लिप डिस्क की परेशानी होने के बाद फिलहाल दरभंगा के DMCH में भर्ती हैं। उनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत पिछले हफ्ते के मंगलवार को पूरी हो गई थी। समर्थकों ने न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के साथ ही उन्हें बेल देने की मांग शुरू कर दी। समर्थकों ने सरकार पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है।

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