पप्पू यादव का तंज- DMCH में चुल्लू भर नहीं, अब इतना पानी कि स्वास्थ्य महकमा डूब मरे! ठीक कहा न मंगल पांडेय जी?

Patna : दरभंगा मेडिकल कॉलेज ऑर हॉस्पिटल को लेकर बिहार की नीतीश कुमार सरकार की बहुत ज्यादा ही किरकिरी हो रही है। और हो भी क्यों न। दरभंगा मेडिकल कॉलेज के जो हालात हैं वो कहीं भी बिहार की जगहंसाई के लिये काफी है। शनिवार को एक दो घंटे की बारिश के बाद डीएमसीएच के कोविड वार्ड में जलजमाव हो गया। घुटने भर पानी लग गया। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ट‍्वीट किया और दरभंगा एयरपोर्ट को बिहार की बड़ी उपलब्धि करार दिया। सवाल यह उठने लगा कि क्या डीएमसीएच की मौजूदा हालत पर हो रही फजीहत की वजह से उन्होंने यह ट‍्वीट किया? क्योंकि कल कोई ऐसा मौका नहीं था जब मुख्यमंत्री को यह ट‍्वीट रके बताने की जरूरत थी कि दरभंगा एयरपोर्ट बड़ी उपलब्धि है और डीएमसीएच बड़ा कोढ़। ऐसे में जन अधिकारी पार्टी के मुखिया पप्पू यादव ने सही ही कहा है कि न सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बल्कि पूरा स्वास्थ्य महकमा डीएमसीएच के पानी में डूबकर जान दे सकता है।

पप्पू यादव ने कहा कि चुल्लू भर पानी नहीं, डीएमसीएच में इतना पानी है कि मंगल पांडेय अपने पूरे स्वास्थ्य महकमे के साथ डूब सकते हैं। पप्पू यादव ने ट‍्वीट किया – विकास का कमाल, बिहार का तैरता अस्पताल। एक दिन की बारिश में डूबा दरभंगा मेडिकल कॉलेज। चुल्लू भर नहीं, अब इतना पानी है कि बेशर्म पूरा स्वास्थ्य महकमा डूब मर सकता है! ठीक कहा न मंगल पांडेय जी?
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट‍्वीट पर तंज कसते हुये लिखा- दरभंगा मेडिकल कॉलेज & हॉस्पिटल पर भी दो शब्द व्यक्त कर दिजीए। देश-दुनिया ने आपके कर-कमलों से हुई DMCH की दुर्दशा देखी है।साथ ही यह भी बता दिजीए विगत वर्ष असंख्य कष्ट उठाकर पैदल आने वाले प्रवासी श्रमवीर भाईयों की रिकॉर्ड संख्या क्या थी? बस यह तुलनात्मक आँकड़ा उपलब्ध करवा दिजीए।
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट‍्वीट किया था- राज्य सरकार के अथक प्रयास और केन्द्र सरकार के सहयोग से दरभंगा हवाई अड्डा नवम्बर 2020 से चालू हो गया। देश के अनेक शहरों से मिथिलावासियों को हवाई संपर्कता सुलभ हो गयी है। कोरोना के बावजूद राज्य के इस तीसरे हवाई अड्डा से रिकॉर्ड संख्या में लोग आये। राज्य की प्रगति में यह सहायक होगा।
भले मुख्यमंत्री और टीम बिहार के सर्वागीण विकास का क्रेडिट लेते न थक रही हो लेकिन आज की वास्तविकता तो यही हो गई है कि सोशल मीडिया पर न सिर्फ डीएमसीएच की बदसूरत तस्वीर बहुसंख्य में तैर रही है बल्कि बिहार में चारों तरफ से जो तस्वीरें आ रही हैं वो बेहद निराशाजनक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *