पशुपति पारस की लोजपा में शामिल होते आकाश यादव। Image Source : Screengrab from a video tweeted by @abhisheksing222

राजद में आग लगाकर पारस लोजपा की गोद में गये आकाश, अब वहां से तेजस्वी को बताने लगे औकात

Patna : लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के करीबी और राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव लोजपा में शामिल हो गये हैं। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने आकाश को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज भी मौजूद थे। आकाश के शामिल होते ही एक बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी गई है। उन्हें छात्र लोजपा का अध्यक्ष बनाया गया है। लोजपा में शामिल होने के बाद आकाश ने तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। आकाश ने कहा कि जिस तरह से छात्र को राजद के पद से हटाया गया वह गलत था। राजनीति को कलंकित करने का काम किया गया है। अगर तेजस्वी यादव को हटाना ही था तो पहले मुझसे बात करते, मुझे विश्वास में लेते, मुझे समझाते। तो फिर आज का दिन नहीं देखना पड़ता।

लोजपा में शामिल होने के फैसले और तेज प्रताप यादव की सहमति पर उन्होंने कहा कि यह मेरा अपना फैसला है। मैं आजाद हूं। युवा यादव के प्रति राजद का रवैया खराब है, इसलिए मैंने यह फैसला लिया है। आकाश यादव के लोजपा में शामिल होने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। लोजपा पारस गुट पर नीतीश कुमार और भाजपा का प्रभाव माना जा रहा है। इसलिए यह भी चर्चा है कि लोजपा पारस गुट में शामिल होकर आकाश को राजद का विरोध करने के लिये इस्तेमाल किया जायेगा। आकाश को पद से हटाए जाने के बाद तेजप्रताप का गुस्सा भड़क उठा था और उन्होंने अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी का संविधान दिखाते हुए कोर्ट जाने की धमकी दी थी।
तेज ने कहा था कि उन्हें आकाश को हटाये जाने की सूचना भी नहीं दी गई थी और न ही उन्हें हटाने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। तेज ने ऐसे निष्कासन को गलत बताया था। तेजप्रताप ने अपने बयानों से खूब गुस्सा जताया, लेकिन पार्टी में उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आकाश यादव की न तो पद पर वापसी हुई, न ही जगदानंद सिंह और न ही तेजस्वी के रणनीतिकार संजय यादव ने कोई कार्रवाई की। जबकि तेज ने सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
छात्र राजद के 8 अगस्त के कार्यक्रम के लिये पार्टी कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगे पोस्टर से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तस्वीर गायब थी। इस कार्यक्रम में तेज प्रताप यादव ने जगदानंद सिंह को हिटलर कहा। कार्यक्रम के दूसरे दिन आकाश के पोस्टर पर कालिख भी पोत दी गई थी। आकाश यादव को लेकर राजद में विवाद बढ़ गया था। छात्र राजद के सम्मेलन में तेजप्रताप ने प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा, तो जगदानंद ने कार्यालय आना ही बंद कर दिया था। बहुत कोशिश के बाद उनको मुनाया गया तो सबसे पहले उन्होंने आकाश यादव को ही पार्टी पद से हटा दिया।

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