पटना की बेटी का केबीसी में जलवा, लखपति होकर लौटी, इस सवाल का बस नहीं दे पाई जवाब

पटना
कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन की शुरुआत हो चुकी है और लोगों की झोली धन से एक बार फिर भरने लगी है। देश भर के अलग अलग इलाकों से लोग यहां से पैसे जीतकर जा रहे हैं। कौन बनेगा करोड़पति की बात की जाए और बिहार का जिक्र न हो, ऐसा तो हो नहीं सकता। बिहार के बेटे सुशील कुमार ने केबीसी के पांचवें सीजन में 5 करोड़ रुपये जीतकर तहलका मचा दिया है। अब इस बार बाजी बिहार की बेटी ने मारी है। पटना की बेटी राज लक्ष्मी सुशील कुमार की तरह करोड़पति तो नहीं बल्कि लखपति बनने में जरूर कामयाब रही हैं। मंगलवार को जो एपिसोड प्रसारित किया गया उसमें राज लक्ष्मी को खेलते हुए दिखाया गया।

15 में से 14 सवालों का दिया सही जवाब

राज लक्ष्मी ने कुल 15 में से 14 सवालों का जवाब बिल्कुल सही दिया था। उन्होंने इस शो से 12.50 लाख रुपये जीतने में सफलता हासिल की है। लेकिन राज लक्षमी को इस मुकाम तक पहुंचने में खासी मेहनत का सामना करना पड़ा था। 80 हजार रुपये की रकम जीतते जीतते उनकी चारों हेल्पलाइन खत्म हो चुकी थीं। इसके बावजूद राज लक्ष्मी 12.50 लाख रुपये जीतने में कामयाब रहीं। आइए अब आपको वो सवाल बताते हैं जिसका जवाब उन्होंने नहीं देना उचित समझा और गेम को छोड़कर हट गईं।

गांधी से जुड़े इस सवाल का जवाब नहीं दे पाईं

राज लक्ष्मी से केबीसी के होस्ट अमिताभ बच्चन ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी से जुड़ा एक सवाल पूछा था। उनसे पूछा गया कि महात्मा गांधी किसे अजातशत्रु कहकर बुलाते थे। इस सवाल का जवाब राजलक्ष्मी नहीं दे सकीं। आपको बता दें कि अजातशत्रु को मतलब होता है जिसका कोई शत्रु न हो। खास बात यह है कि इस सवाल का जवाब भी बिहार में ही छिपा था। एक आम बिहारी को भी इस सवाल का जवाब पता होना चाहिए। क्योंकि इस सवाल का जवाब बिहार के प्राइड यानी गर्व से जुड़ा हुआ है। इतने के बावजूद अगर आप सही जवाब तक नहीं पहुंच पाए हैं तो आइए इसका खुलासा कर ही देते हैं।

गांधी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अजातशत्रु कहा था

जी हां, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को अजातशत्रु कहते थे। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की रजनीति ही ऐसी हीरा टाइप की थी कि उनका कोई शत्रु नहीं था। सहज गांधीवादी इस नेता और बिहार की माटी के लाल ने देश की राजनीति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। जबतक आजाद भारत का नाम रहेगा तबतक आजादी के मतवालों में से एक डॉ राजेंद्र प्रसाद का भी नाम रहेगा।

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