गांधी घाट पूरी तरह से डूब चुका है। Image Source : ANI

गंगा के रौद्र रूप से लोग भयभीत- पटना का गांधी घाट डूबा, सड़क पर पहुंचा पानी

Patna : पटना में बाढ़ के हालात पैदा हो गये हैं। पटना में गंगा पर बना गांधी घाट डूब गया है। गंगा नदी का पानी सड़क पर बहने लगा है। गंगा के रौद्र रूप से लोग भयभीत हो गये हैं। पटना में उफान पर है गंगा। जलस्तर में प्रति दो घंटे में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी। सिक्स लेन सेतु और रेलवे ब्रिज बाढ़ की चपेट में आ गया है। परियोजनाओं पर भी दोहरी मार। सेंट्रल वाटर कमीशन ने रेड अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक बदलपुरा, डोरीगंज, रामपुर दियारा, मनेर, बोधा छपरा, शेरपुर, दानापुर, सराय आदि क्षेत्रों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे गंगा के करीबी इलाकों में न जायें। इन इलाकों में गंगा के जलस्तर में पिछले चौबीस घंटों में दस से तीस सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। नदी के उफान से पटना में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।

बक्सर से लेकर फरक्का तक सभी जगहों पर गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। लगातार बढ़ते जलस्तर से पटना में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इससे कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो जाने की आशंका है। बक्सर में पिछले 24 घंटे में 1.07 क्यूसेक अधिक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया। इससे खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दीघा और गांधी घाट में भी पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 और 30 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। अगर पानी का बढ़ना जारी रहा तो जल्द ही बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। राज्य में करीब एक दर्जन नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महागंगा नदी के भी जल्द ही खतरे के शीर्ष पर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं फरक्का बैराज के सभी 108 गेट खोलने के बाद भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर है। मंगलवार को इसमें और 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो गई है। पटना में गंगा, पुनपुन नदी के साथ-साथ सोन नदी भी लाल खतरे के निशान को पार कर चुकी है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा के उफान का मुख्य कारण यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश का पानी बताया जा रहा है।
दरअसल यमुना में 5 नदियों का पानी मिलता है। वहीं यमुना प्रयागराज में गंगा में मिल जाती है। लगातार हो रही बारिश से अब बिहार में भी तबाही के हालात बन रहे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी पहले से ही बाढ़ से जूझ रहे हैं। अब बिहार में भी खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि गंगा इस कदर उफान पर है कि कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती-अधवारा, लखनदेई और बालन का पानी लौट रहा है। उनका पानी गंगा में नहीं जा रहा है। यही वजह है कि बाढ़ का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

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