जम्मू कश्मीर के नाजिम का निकला PM मोदी का खासम खास दोस्त, सोशल मीडिया में सेल्फी वाला फोटो वायरल

NEW DELHI : कौन हैं PM मोदी के साथ सेल्फी लेने वाले कश्मीर के नाजिम? प्रधानमंत्री ने बताया अपना दोस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को श्रीनगर की यात्रा पर पहुंचे। पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत, विकसित जम्मू-कश्मीर’ कार्यक्रम के तहत करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और स्वतंत्र रूप से सांस ले रहा है। आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद प्रधानमंत्री अपने पहले कश्मीर दौरे पर हैं। श्रीनगर से पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक सेल्फी शेयर की जोकि चर्चा का विषय बन गई है।

पीएम मोदी ने ‘X’ पर पुलवामा के रहने वाले अपने दोस्त नाजिम के साथ एक सेल्फी शेयर की है। इस पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “मेरे दोस्त नाजिम के साथ एक यादगार सेल्फी। मैं उनके अच्छे काम से प्रभावित हुआ। बैठक में उन्होंने एक सेल्फी लेने का अनुरोध किया और उनसे मिलकर खुशी हुई। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।” पीएम मोदी के इस पोस्ट के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नाजिम कौन है, जिसे पीएम मोदी ने अपना दोस्त बताया।

नाजिम नजीर मधुमक्खी पालन का काम करते हैं और पुलवामा के सांबोरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने PM मोदी को अपने संघर्ष और कैसे उन्होंने मधुमक्खी पालन का काम शुरू इसके पूरे सफर को साझा किया। नाजिम विकसित भारत कार्यक्रम के लाभार्थी हैं। शहद बेचने की यह यात्रा नाजिम ने साल 2018 में अपने घर की छत से शुरू की थी। उन्होंने कहा कि तब वे कक्षा 10वीं में थे और उसी दौरान मधुमक्खी पालन का काम शुरू किया। जैसे-जैसे नाजिम की इसमें रुचि और बढ़ती गई, उन्होंने मधुमक्खी पालन के बारे में और ऑनलाइन रिसर्च शुरू की।

एक साल में बेचा 5000 किलो शहद : नाजिम ने बताया, ”साल 2019 में मैं सरकार के पास गया और 50 फीसदी सब्सिडी हासिल की। मधुमक्खियों के 25 बक्से से मैंने 75 किलो शहद निकाला। मैंने गांवों में इस शहद को बेचना शुरू किया, जिसके मुझे 60,000 हजार रुपये मिले। 25 बक्सों से यह उत्पादन 200 बक्सों तक पहुंच गया, जिसके बाद मैंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मदद ली। इस योजना के तहत मुझे पांच लाख रुपये मिले और 2020 में मैंने अपनी वेबसाइट शुरू की।” नाजिम ने बताया कि धीरे-धीरे उनके शहद के ब्रांड को पहचान मिल गई और उन्होंने सिर्फ साल 2023 में ही पांच हजार किलो शहद बेच दिया।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *