प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामविलास पासवान किसी बात पर हंसी ठिठोला करते हुये। चिराग पासवान अपनी मम्मी-पापा के साथ पापा का बर्थडे मनाते हुये। Image source : PTI/tweeted by @iChiragPaswan

PM ने दोस्त रामविलास को श्रद्धांजलि दी- उनकी कमी बहुत खलती है, चिराग ने कहा- हैप्पी बर्थडे पापाजी

New Delhi : दलित नेता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुये प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक सेवा और दलितों को सशक्त बनाने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा। मोदी सरकार में मंत्री रहे पासवान का पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था। वह सबसे अनुभवी सांसदों में से थे और उन्होंने समाजवादी समूहों से लेकर कांग्रेस और भाजपा तक विभिन्न दलों के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री के रूप में कार्य किया था। एक ट्वीट में मोदी ने कहा- आज मेरे मित्र स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की जयंती है। मुझे उनकी बहुत याद आती है। वह भारत के सबसे अनुभवी सांसदों और प्रशासकों में से एक थे। सार्वजनिक सेवा और दलितों को सशक्त बनाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जायेगा।

 

रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी पार्टी के भीतर गुटबाजी शुरू हो गई है और उनके बेटे चिराग पासवान और उनके भाई पशुपति कुमार पारस दोनों ने लोजपा का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया है। चिराग अपने पिता की पारंपरिक लोकसभा सीट हाजीपुर से यात्रा शुरू करने वाले हैं, ताकि उनके पक्ष में पार्टी के समर्थकों को रैली की जा सके। वैसे चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान को याद करते हुये ट‍्वीट किया- Happy Birthday Papa Ji आप की बहुत याद आती है। मैं आप को दिए वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहा हूँ।आप जहां कहीं भी हैं मुझे इस कठिन परिस्तिथि में लड़ते देख आप भी दुखी होंगे।आप ही का बेटा हूँ , हार नहीं मानूँगा। मैं जानता हूँ आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। Love You Papa Ji
दो-फाड़ हो चुकी पार्टी पर चिराग पासवान की पकड़ कितनी गहरी है, यह आज की उनकी आशीर्वाद यात्रा से साफ हो जायेगा। रामविलास पासवान की विरासत की इस जंग में उनकी जयंती के अवसर पर बेटे चिराग यात्रा के माध्‍यम से सहानुभूति बटोरने के साथ जमीनी शक्ति का भी प्रदर्शन करेंगे। रामविलास पासवान की विरासत पर दावा में पार्टी का दूसरा गुट भी भला पीछे क्‍यों रहता? एलजेपी के पारस गुट के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस भी आज पांच जुलाई को पटना में अपनी ताकत का एहसास कराने के लिये बड़ा आयोजन करने की तैयारी में जुटे हैं।

 

एक बात और महत्‍वपूर्ण यह है कि एलजेपी को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नीति का बिहार राजग के साथ महागठबंधन पर भी पर गहरा असर पड़ना तय है। चिराग ही हैं, जिन्‍होंने राजग में रहते हुये बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार व उनके जनता दल यूनाइटेड का विरोध कर पार्टी को तीसरे नंबर पर धकेलने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में अगर भाजपा ने चिराग को समर्थन दिया तो मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार इसे कहां तक बर्दाश्‍त कर पायेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

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