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PM की अपील- हर छोटी से छोटी चीज, जो Made in India हो, उसे ही खरीदिये

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम एक संबोधन में 100 करोड़ वैक्सीन खुराक को पार करने की प्रमुख उपलब्धि की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि भारत के आस-पास के आशावाद को भी दर्शाती है।
अपने टेलीविज़न संबोधन की शुरुआत करते हुये पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 100 करोड़ की वैक्सीन खुराक उपलब्धि सभी 130 करोड़ भारतीयों की है। पीएम मोदी ने गुरुवार को हासिल की गई उपलब्धि के लिये सभी भारतीयों को बधाई दी।
उन्होंने कहा- मैं आपसे फिर ये कहूंगा कि हमें हर छोटी से छोटी चीज, जो Made in India हो, जिसे बनाने में किसी भारतवासी का पसीना बहा हो, उसे खरीदने पर जोर देना चाहिये। और ये सबके प्रयास से ही संभव होगा।

आज के पीएम मोदी के भाषण के शीर्ष उद्धरण :—-
1. भारत द्वारा वैक्सीन की 100 करोड़ खुराक हासिल करने पर, पीएम मोदी ने कहा- यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, यह एक नए अध्याय, एक नए भारत की शुरुआत है।
2. पीएम मोदी ने कहा- जहां भी हम देखते हैं, वहां अब केवल आशावाद है। हर जगह आशावाद है। विशेषज्ञ, विश्व एजेंसियां ​​भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर काफी सकारात्मक हैं।
3. पीएम मोदी ने कहा- पहले इस देश में, विदेश में बनी चीजों के बारे में ही बात होती थी, लेकिन आज हर कोई ‘मेड इन इंडिया’ के बारे में बात कर रहा है। इस समय, हम भारतीयों के लिये भारतीय उत्पादों, ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्रोत्साहित करना और हमारे लिये ‘वोकल फॉर लोकल’ हो जाना और भी महत्वपूर्ण है।
4. 9 महीनों में 100 करोड़ वैक्सीन खुराक के मील के पत्थर तक पहुंचने पर बोलते हुये, पीएम मोदी ने कहा- कोविड अमीर और गरीब के बीच भेदभाव नहीं करता है। हमारा टीकाकरण अभियान भी बिना किसी भेदभाव पर आधारित था। हमने सुनिश्चित किया कि वीआईपी संस्कृति पर हावी न हो हमारे टीकाकरण कार्यक्रम और सभी के साथ समान व्यवहार किया जाता है।
5. पीएम मोदी ने यह भी कहा- भारत वैश्विक महाशक्तियों से टीकों का आयात करता रहा है जिनके पास इस क्षेत्र में वर्षों की विशेषज्ञता है। जैसे ही कोविड -19 महामारी फैली, कई चिंताएँ उठाई गईं कि क्या भारत अपनी पूरी आबादी का टीकाकरण करने में सक्षम होगा। वैक्सीन की 100 करोड़ खुराक देने की उपलब्धि इन सभी चिंताओं का जवाब है।
6. पीएम मोदी ने कहा- दुनिया भर के राष्ट्र अभी भी वैक्सीन झिझक से जूझ रहे हैं और इसी तरह की चिंता भारत में भी उठाई गई थी। लेकिन 100 करोड़ की वैक्सीन डोज उपलब्धि दर्शाती है कि कैसे हमने भारत में वैक्सीन की झिझक को मात दी है। विज्ञान और नवाचारों में विश्वास के साथ, भारत इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने में कामयाब रहा।

 

7.पीएम मोदी ने कहा- कड़े प्रतिबंधों के बारे में कुछ चिंताएँ भी उठाई गईं। कई लोगों ने कहा कि भारत में इस तरह के सख्त प्रतिबंध कैसे लगाये जा सकते हैं। लेकिन हम एक लोकतंत्र हैं, हमने अपने सबका साथ, सबका विकास सिद्धांत का पालन करते हुये सभी की जरूरतों पर विचार किया है। (Input : www.livebavaal.com)

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