महावीर मंदिर और श्री हनुमान की सांकेतिक तस्वीर। फाइल फोटो।

“राम रसोई” पर महावीर मंदिर का कब्जा, कोई दूसरा इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता, ट्रेडमार्क मिला

पटना : राम रसोई पर अब पटना के महावीर मंदिर का कब्जा हो गया है। अब कोई दूसरा व्यक्ति या संस्था राम रसोई के नाम का प्रयोग करते हुये किसी भी तरह का कोई एक्टिविटी नहीं कर सकता है। महावीर मंदिर न्यास समिति के इस प्रयास को ट्रेडमार्क एलॉट हो गया है। यह महावीर मंदिर न्यास समिति की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आखिर राम के नाम पर कोई ट्रेडमार्क हासिल कर लेना कोई छोटी बात तो है नहीं। अयोध्या में राम रसोई के नाम से महावीर मंदिर की अनोखी पहल चल रही है। अब यह अयोध्या में श्रीराम मंदिर की पहचान भी बन सकती है।

राम रसोई के शुभारंभ के मौके पर खुद ही सबको भोजन कराते कुणाल किशोर

बता दें कि पटना के महावीर मंदिर की ओर से अयोध्या में संचालित राम-रसोई को भारत सरकार के ट्रेड मार्क रजिस्ट्री विभाग ने अपना सर्टिफिकेट निर्गत किया है। निबंधित ट्रेड मार्क मिलने से दूसरी कोई संस्था या व्यक्ति राम रसोई नाम का उपयोग नहीं कर सकेगा। महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया – नवंबर 2019 में रामलला के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम रसोई प्रारंभ की गई थी। राम रसोई को उसके बाद काफी पसंद किया जाने लगा। उसकी वजह से महावीर मंदिर का नाम भी देश में चहुंओर गूंजायमान हुआ। यह इतनी प्रसिद्ध हो गई है कि पटना के महावीर मंदिर का प्रचार-प्रसार देश के गांव-गांव में हो रहा है।
महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने कहा- यहां भोजन के पहले भगवान महावीर का जयकारा लगता है। यहां प्रतिदिन औसतन एक हजार से दो हजार लोगों को भोजन कराया जाता है। दोपहर के भोजन में जीरा राइस, कचौड़ी, आलू दम, मिक्स सब्जी, अरहर दाल, पापड़, तिलौरी, चटनी और गाय का घी पड़ोसा जाता है। रजिस्टर्ड राम-रसोई के लोगो में भगवान् श्रीराम शबरी के बेर खाते हुए दिख रहे हैं। तीर्थालु को अवगत कराया जाता है कि यह फ्री अन्न क्षेत्र महावीर मंदिर की ओर से चलाया जा रहा है।अयोध्या स्थित अमावा राम मंदिर कैंपस में राम-रसोई का संचालन किया जा रहा है। सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में सीता रसोई का संचालन किया जाता है। पुनौरा धाम में आनेवाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क शुद्ध भोजन दोनों शाम कराया जाता है।

इससे पहले अप्रैल महीने में पटना के महावीर मंदिर में भगवान हनुमान को भोग लगने वाला नैवेद्यम लड्डू को भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय से सर्टिफिकेट मिला था। इसकी शुद्धता की गारंटी FSSAI खाद्य सुरक्षा एवं प्राधिकरण ने ली। भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय की ओर से ‘भोग’ सर्टिफिकेट महावीर मंदिर के नैवेद्यम लड्डू को दिया गया है। महावीर मंदिर के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल ने बताया- खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने महावीर मंदिर में हनुमान को लगाये जाने वाले नैवेद्यम लड्डू की जांच की थी। जांच प्रक्रिया में पूरी तरह से पास होने के बाद इसकी रिपोर्ट FSSAI को भेजी गई थी। FSSAI के CEO ने इस रिपोर्ट के आधार पर ब्लेजफुल हाइजीन आफरिंग टू गॉड का प्रमाण-पत्र जारी किया।

राम रसोई में रोज एक हजार से दो हजार लोगों को भोजन कराया जा रहा है।

हनुमान मंदिर की सालाना आय लगभग 12 करोड़ रूपए है। इसे मंदिर के रख-रखाव और विभिन्न अस्पतालों पर खर्च किया जाता है। आचार्य कुणाल का कहना है कि यह पैसे दरिद्र नारायण भोजन, 18 वर्ष तक के कैंसर मरीजों के इलाज और देखभाल में खर्च होते हैं। आपको बता दें कि यह उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक न्यास समिति है जो धार्मिक कार्यों के साथ ठोस रूप से परोपकार परोपकार का काम करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *