दूरदर्शन पर सबसे प्रसिद‍्ध रामायण सीरियल के दृश्यों का सांकेतिक प्रयोग। Image Source : instagrammed by dipikachikhliatopiwala/

रामायण यूनिवर्सिटी : रामायण पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा-डिग्री कोर्स, गीता-महाभारत, वेद पर रिसर्च

NEW DELHI : अब रामायण यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी। इसके लिये बिहार में पहल हो रही है। महावीर मंदिर ट्रस्ट ने शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा है। वैशाली जिले के इस्माइलपुर में 12 एकड़ क्षेत्र में यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव है। वाल्मीकि रामायण के साथ-साथ सभी भाषाओं में लिखी गई रामायण के अलावा शोध, ज्योतिष, कर्मकांड, योग, आयुर्वेद और प्रवचन आदि भी पाठ‍्यक्रम में शामिल होगा।
रामायण के अध्ययन का मुख्य केंद्र महावीर मंदिर का रामायण विश्वविद्यालय होगा। यह दुनिया में अपनी तरह का एकमात्र विश्वविद्यालय होगा, जहां गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस पर व्यापक अध्ययन और शोध कार्य होगा। वाल्मीकि रामायण को केंद्र में रखते हुये भारतीय भाषाओं और दक्षिण पूर्व एशिया में प्रचलित सभी प्रकार के रामायण पाठ‍्यक्रमों में शामिल होंगे।

महावीर मंदिर ने शिक्षा विभाग को बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2013 के तहत रामायण विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव दिया है। मंगलवार को महावीर मंदिर की ओर से शिक्षा विभाग को प्रस्ताव के साथ दस लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी सौंपा गया है।
महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया- वैशाली जिले के इस्माइलपुर में करीब 12 एकड़ में महावीर मंदिर की जमीन रामायण विश्वविद्यालय के लिये निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय में मुख्य भवन, शैक्षणिक भवन सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। इसके लिये आवश्यक राशि की व्यवस्था महावीर मंदिर द्वारा की जायेगी। प्रस्तावित रामायण विश्वविद्यालय में संस्कृत व्याकरण विशेष रूप से पढ़ाया जायेगा। महर्षि पाणिनि द्वारा रचित अष्टाध्यायी, पतंजलि द्वारा महाभाष्य और कासिका, ये तीनों ग्रंथ संस्कृत व्याकरण के अध्ययन का मुख्य आधार होंगे।

आचार्य किशोर कुणाल ने बताया – रामायण विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री दी जायेगी। डिग्री कोर्स में स्नातक स्तर पर शास्त्री, पोस्ट ग्रेजुएशन के लिये आचार्य, पीएचडी के रूप में विद्या-वरिधि और डी-लीट के रूप में विद्या-वाचस्पति डिग्री। रामायण शिरोमणि एक साल का डिप्लोमा कोर्स होगा। जबकि छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स करने वालों को रामायण पंडित कहा जायेगा। महावीर मंदिर के प्रस्तावित रामायण विश्वविद्यालय में एक समृद्ध पुस्तकालय होगा। वहां सभी प्रकार की ज्ञान सामग्री उपलब्ध होगी। रामायण, गीता, महाभारत, वेद, पुराण आदि पर शोध कार्य होगा।

आर्थिक आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुये रामायण विश्वविद्यालय में पांच प्रमुख विषय पढ़ाये जायेंगे। ये हैं – ज्योतिष, कर्मकांड, आयुर्वेद, योग और प्रवचन। छात्र इन विषयों में विभिन्न स्तरों की पढ़ाई कर आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकेंगे।

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