अस्पताल में भर्ती हैं रामविलास पासवान, वहीं से बेटे चिराग को दिया ‘बड़ा संदेश’

पटना
बिहार में लंबे अरसे तक अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता को कायम रखने वाले नेताओं की अगर लिस्ट बनाएं तो उनमें एक केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी हैं। रामविलास पासवान और उनकी पार्टी लोजपा सही समय पर फैसले लेने की वजह से केंद्र की सत्ता में अक्सर किसी न किसी रूप में शामिल रहती हैं। यही वजह है कि रामविलास पासवान को भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा मौसम विज्ञानी समझा जाता है। वो औचक फैसलों के लिए जाने जाते हैं और अक्सर समयानुकूल फैसले लेने में सफल भी रहते हैं। फिलहाल रामविलास पासवान की सेहत नासाज चल रही है और ये जानकारी भी उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ही मिली है।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान अपना इलाज करा रहे हैं। इस बीच बिहार में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। पिछले कुछ दिनों से रामविलास पासवान के बेटे और सांसद चिराग पासवान नीतीश कुमार को लेकर हमलावर हुए हैं। जीतनराम मांझी की पार्टी हम के एनडीए का हिस्सा बनने के बाद चिराग की आक्रामकता को एक चुनौती भी मिल रही है। एनडीए में सीट शेयरिंग का मामला भी फंसा हुआ है। ऐसे में रामविलास पासवान ने अस्पताल से ही चिराग के लिए बड़ा संदेश जारी किया है।

शुक्रवार को रामविलास पासवान ने एक के बाद एक तीन ट्वीट किए। रामविलास पासवान ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कोरोना संकट के समय खाद्य मंत्री के रूप में निरंतर अपनी सेवा देश को दी और हर सम्भव प्रयास किया कि सभी जगह खाद्य सामग्री समय पर पहुंच सके। इसी दौरान तबियत ख़राब होने लगी लेकिन काम में कोई ढिलाई ना हो इस वजह से अस्पताल नहीं गया।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरी ख़राब तबियत का एहसास जब चिराग को हुआ तो उसके कहने पर मैं अस्पताल गया और अपना इलाज करवाने लगा। मुझे ख़ुशी है कि इस समय मेरा बेटा चिराग मेरे साथ है और मेरी हर सम्भव सेवा कर रहा है। मेरा ख़याल रखने के साथ साथ पार्टी के प्रति भी अपनी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है। मुझे विश्वास है कि अपनी युवा सोच से चिराग पार्टी व बिहार को नयी ऊँचाईयों तक ले जाएगा। चिराग के हर फ़ैसले के साथ मैं मज़बूती से खड़ा हूं। मुझे आशा है कि मैं पूर्ण स्वस्थ होकर जल्द ही अपनों के बीच आऊँगा।’

क्या चिराग के बहाने ये संदेश नीतीश और नड्डा के नाम है?
बिहार की राजनीति के जानकारों का मानना है कि नीतीश पर आक्रामक होने के पीछे चिराग की एक खास रणनीति है। ये रणनीति गठबंधन में से पार्टी के लिए अधिकतम सीटें निकालने की है। हालांकि पिछले दिनों ये भी खबर आई कि चिराग पासवान की अमित शाह से बात हुई तो उन्होंने अपना लहजा थोड़ा नरम किया है। इस बीच खबर है कि बीजेपी के बिहार चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार आ रहे हैं। ऐसी संभावना है कि वे एनडीए के घटक दलों के साथ मुलाकात कर सीट शेयरिंग पर भी बात कर सकते हैं।

ऐसे में ये भी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं कि कहीं चिराग को संदेश देने के बहाने रामविवास नीतीश और नड्डा को तो मैसेज नहीं दे रहे। ऐसा बिल्कुल संभव है कि तबीयत की वजह से रामविलास पासवान सक्रिय नहीं हैं तो हो सकता है कि वो संकेतों में अपनी बात कह रहे हों। हालांकि सीट शेयरिंग का मुद्दा केवल एनडीए के लिए ही नहीं बल्कि महागठबंधन के लिए भी बड़ी चुनौती है। उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी, मुकेश साहनी की पार्टी और वामपंथी पार्टियों को महागठबंधन में क्या मिलेगा, ये देखना भी काफी रोचक होगा क्योंकि विरोध के स्वर वहां भी उठते दिख रहे हैं।

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