दोनों भाई पार्टी पर वर्चस्व की लड़ाई में भिड़ गये हैं। Image Source : Facebook/TejPratapYadavOfficial

लालू के लालों में रार : तेजप्रताप बोले- प्रवासी की सलाह पर जगदानंद ने जो किया वो पार्टी संविधान के खिलाफ

Patna : राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव के बीच जारी तनातनी बुधवार शाम सामने सतह पर आ गई। बुधवार शाम को राजद बिहार के अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने आकाश यादव को छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया। आकाश यादव तेज प्रताप के काफी करीबी माने जाते हैं। जगदानंद सिंह द्वारा अपने आवास पर तेजस्वी के साथ बंद कमरे में बैठक करने के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया और गगन कुमार को छात्र राजद का नया प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद तेज प्रताप ने तेजस्वी को प्रवासी करार देते हुये अपना गुस्सा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ निकाला और आकाश यादव को पद से हटाने की प्रक्रिया को हटाने की पूरी तरह से पार्टी संविधान के खिलाफ करार दिया।

इस मामले में मीडिया से बात करते हुये जगदानंद सिंह ने कहा- मैं केवल राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति जवाबदेह हूं। मैं तेज प्रताप से नाराज क्यों होऊंगा? मैंने छत्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष को नहीं हटाया है। तथ्य यह है कि यह पद बहुत लंबे समय से खाली था और मैंने अब भर दिया है।
इधर इस कार्रवाई से नाराज तेज प्रताप यादव ने ट‍्वीट किया- प्रवासी सलाहकार से सलाह लेने मैं अध्यक्ष जी ये भूल गये कि पार्टी संविधान से चलता है और राजद का संविधान कहता है कि बिना नोटिस दिये आप पार्टी के किसी पदाधिकारी को पदमुक्त नहीं कर सकते ..आज जो हुआ वो राजद के संविधान के खिलाफ हुआ …
दस दिन पहले छत्र राजद की बैठक में लालू के बड़े बेटे द्वारा ‘हिटलर’ कहे जाने के बाद जगदानंद सिंह कथित तौर पर तेज प्रताप से नाराज हो गये थे। घटना के बाद जगदानंद सिंह विरोध स्वरूप पार्टी कार्यालय नहीं पहुंचे। इस बीच, तेजस्वी स्पष्ट रूप से आकाश यादव से नाराज़ थे, जब उन्होंने पाया कि उनकी तस्वीर छात्र राजद की होर्डिंग्स से गायब थी, जिसमें तेज प्रताप को प्रमुखता से चित्रित किया गया था। आकाश यादव को बर्खास्त किये जाने के बाद, तेज प्रताप ने जगदानंद सिंह पर निशाना साधा और कहा कि यह निर्णय राजद के संविधान के अनुरूप नहीं था।
दूसरी ओर, तेजस्वी ने आकाश यादव को उनके पद से हटाने के जगदानंद सिंह के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा- जगदानंद सिंह संगठन में बदलाव करने, किसे रखना है और किसे नहीं और कैसे पार्टी को आगे ले जाना है, के संबंध में कोई भी निर्णय लेने के लिये स्वतंत्र हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लालू प्रसाद यादव का कार्यकाल इस साल नवंबर में समाप्त हो जायेगा। इस बात की बहुत संभावना है कि तेजस्वी यादव अपने पिता के स्थान पर कदम रखेंगे।
जाहिर है कि तेज प्रताप ने भी पिछले कुछ महीनों में पार्टी में अपनी भागीदारी बढ़ाई है। वह पार्टी चलाने के अपने अंदाज को लेकर जगदानंद सिंह पर निशाना साधते रहे हैं। नवंबर में राजद के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बीच लालू प्रसाद के बेटों के बीच दरार बेहतर संकेत नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *