गुरु आरके श्रीवास्तव।

1 रुपये की गुरु दक्षिणा : मिलिये शीर्ष युवा गुरु से जिन्होंने गरीब बच्चों के उड़ान के सपनों को पंख दिये

Patna : न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में इंजीनियरिंग छात्रों के बीच एक प्रसिद्ध नाम, 1 रुपये में पढ़ा रहे टीचर और इंजीनियर बना रहे हैं। सैकड़ों गरीब परिवार के छात्रों के सपनों को पंख दे दिये। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के सपनों को पंख देने वाले गुरु हैं आरके श्रीवास्तव। अब हजारों युवकों के रोल मॉडल बन गये हैं। अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ इरादों और उच्च सोच से उन्होंने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। आरके श्रीवास्तव एक दशक से अधिक समय से देश के शीर्ष शिक्षक हैं। ये बिहारी शिक्षक देश के टॉप 10 शिक्षकों में शामिल हैं। उनकी अकादमिक शैली दशकों से चर्चा का विषय रही है। इस बिहारी शिक्षक के पढ़ाने के तरीके विदेशों में भी पसंद किये जाते हैं। उनकी शैक्षिक शैली उन सभी देशों में भी पसंद की जाती है जहां भारतीय मूल के लोग रहते हैं।

पिता के गुजर जाने के बाद उन्होंने पढ़ाई के दौरान गरीबी के कारण उच्च शिक्षा की कठिनाइयों को बेहद नजदीक से महसूस किया। पैसे की कमी के कारण उन्हें बड़े शिक्षण संस्थानों में पढ़ने का अवसर नहीं मिला। अब वे जरूरतमंद छात्रों के सपनों को पंख दे रहे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जो आज कोचिंग की लाखों फीस नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन उनका सपना बड़ा है। आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
बिहार के रोहतास जिले में रहने वाले एक शिक्षक आरके श्रीवास्तव न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में इंजीनियरिंग के छात्रों के बीच एक लोकप्रिय नाम है। उनका ‘1 रुपया गुरु दक्षिणा’ कार्यक्रम विश्व प्रसिद्ध है। इसके तहत उन्होंने आर्थिक रूप से गरीब छात्रों को 1 रुपये की गुरु दक्षिणा देकर उनकी इंजीनियरिंग की तैयारी कराई। आरके श्रीवास्तव की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आर्थिक रूप से गरीब छात्रों की इंजीनियरिंग द्वारा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की प्रशंसा की है। आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उनके शिष्यों को दाखिला मिला है। 540 छात्रों को इंजीनियर बनाया है। रोहतास के जमोढ़ी गांव निवासी आरके श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें बचपन से ही गणित में बहुत रुचि थी।

 

आरके श्रीवास्तव अपने छात्रों के बीच यह भी सिखाते हैं कि विभिन्न तरीकों से किसी प्रश्न को कैसे हल किया जाये। आरके श्रीवास्तव की शैक्षिक शैली की बढ़ती लोकप्रियता ने बिहार का मान बढ़ाया है। उनकी कड़ी मेहनत, उच्च सोच, दृढ़ इरादों के कारण वे लाखों युवक के रोल मॉडल बन गये हैं। अकादमिक बैठक के दौरान महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी गणित गुरु के रूप में संबोधित किया है। गरीब छात्रों के इरादों को मदद देकर उन्होंने अपने सपनों को साकार किया है। बिक्रमगंज जैसे छोटे से कस्बे में आरके श्रीवास्तव ने कई गरीब छात्रों को मुफ्त में पढ़ाया। आईआईटी, एनडीए और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में सफलता प्राप्त करवाने में मदद की। उनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेस अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। छात्रों को स्वाध्याय के प्रति जागरूक करने के लिये उन्होंने 450 से अधिक कक्षाओं में रात भर लगातार 12 घंटे तक गणित पढ़ाया है। उनकी अकादमिक शैली के समाचार देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहे हैं। देश उन्हें विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वॉय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी जानता है।

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