बागी हुए राजद के 23 नेता, 6 साल के लिए पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता

पटना

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लगभग हर पार्टी को बागी नेताओं का सामना करना पड़ रहा है। अब राष्ट्रीय जनता दल को भी अपने 23 नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी है। इन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के साथ अनुशासनहीनता का आरोप लगा है। प्रदेश राजद कार्यालय सचिव चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह की तरफ से उनके हस्ताक्षर से एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें पार्टी के 23 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। बताया गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जिन नेताओं को पार्टी से निकाला गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, बांका और बक्सर के कुल 23 बागी प्रत्याशी एवं नेता शामिल हैं।

बक्सर जिले में कार्रवाई

बक्सर जिले में कार्रवाई पार्टी के पत्र के मुताबिक जिला राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष शेषनाथ सिंह की अनुशंसा पर की गई है।
पूर्व मंत्री छेदीलाल राम, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव, छात्र राजद के पूर्व अध्यक्ष मोहित यादव, नवानगर के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मुख्तार यादव, कमरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार श्रीकांत यादव, डुमरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकांत यादव, पूर्व प्रत्याशी पप्पू यादव, राजपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार लालबाबू यादव व राजद नेता मोहम्मद हसन अंसारी के खिलाफ कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में की गई है।

साथ ही गठबंधन के अधिकृत उम्मीदवारों के विरोध में चुनाव लड़ना भी इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की वजह बताई गई है। इन्हें 6 वर्षों के लिए इनके पद और प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।

पश्चिमी चंपारण में

इसी तरह की कार्यवाही पार्टी ने पश्चिमी चंपारण में भी की है। यहां जिला राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष वकार अहमद उर्फ मुन्ना त्यागी ने इन बागियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी। ऐसे में प्रदेश महासचिव रण कौशल प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू, लोरिया विधानसभा क्षेत्र से रालोसपा उम्मीदवार विनय यादव, निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद सादिक, जिला प्रवक्ता प्रमोद यादव, प्रखंड अध्यक्ष हामिद जजमा उर्फ राजा और किसान प्रकोष्ठ के जिला सचिव मुकेश यादव आदि के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन्हें भी पार्टी से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

बांका जिले में

बांका जिला के उपाध्यक्ष अब्दुल हसीम, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद जफर उल हुदा, पूर्व प्रत्याशी निशा शालिनी, जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रधान महासचिव रोहित राज शर्मा, जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ की प्रधान महासचिव खुशबू शर्मा आदि को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने की वजह से 6 वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ उनके पद से निष्कासित कर दिया गया है।

राजद ने अपने इतने सारे बागी नेताओं को पार्टी से निष्कासित तो कर दिया है, लेकिन यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इन नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने से पार्टी को फायदा पहुंचता है या नुकसान।

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