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तेजस्वी ने खेल दी अबतक की सबसे बड़ी बाजी, तुरुप का इक्का क्या काम आएगा

पटना

लगता है बिहार चुनाव में अभी महागठबंधन ने हार नहीं मानी है। सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है वो इसी ओर इशारा कर रही है। असल में तेजस्वी यादव ने गुरुवार को महागठबंधन के सभी विधायकों को राबड़ी देवी के आवास पर बुला लिया है। बिहार में सरकार बनाने को लेक आगे की रणनीति पर विचार तेजी से चल रहा है। इस बीच एक खबर आ रही है कि राजद ने तेजस्वी को सीएम बनाने के लिए नई तरह की कवायद शुरू कर दी है। इसे देखते हुए एनडीए की सबसे कमजोर कड़ियों पर फोकस किया गया है।

राजद ने उछाला डिप्टी सीएम का ऑफर

सूत्रों के हवाले से बिहार में एक बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि राजद की तरफ से वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम पद का ऑफर दिया गया है। हालांकि ये बात दिगर है कि मुकेश सहनी विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। लेकिन उनकी पार्टी वीआईपी को कुल 4 सीटों पर जीत मिली है। ऐसे में नजदीकी मुकाबले में मुकेश सहनी की स्थिति फिलहाल किंगमेकर की है।

पहले महागठबंधन का ही हिस्सा थे सहनी और मांझी

आपको बता दें कि मुकेश सहनी और जीतन राम मांझी पहले महागठबंधन का ही हिस्सा थे। विधानसभा चुनावों में जीतनराम मांझी की हम को भी 4 सीटें मिली हैं। चुनाव से पहले ये दोनों दल सीट शेयरिंग के मुद्दे पर महागठबंधन से अलग होकर एनडीए के पाले में चले गए थे। अब चुनाव बाद इन दोनों की 4-4 यानी 8 सीटें किसी सरकार को बनाने और गिराने की हैसियत में आ गई हैं। ऐसे में महागठबंधन इनकी ओर डोर फेंकता नजर आ रहा है।

महागठबंधन इस गणित की ओर देख रहा

बिहार चुनाव में महागठबंधन को 110 सीटों पर जीत मिली है। बहुमत का आंकड़ा 122 पर है। यान महागठबंधन को 12 विधायकों की दरकार है। अगर डिप्टी सीएम के ऑफर का सिक्का सहनी और जीतन राम मांझी पर चल गया तो ये 8 सीटें महागठबंधन के आंकड़े को 118 पहुंचा देंगी। इसके बाद ओवैसी की 4 सीटें हैं और सैद्धांतिक तौर पर एमआईएम भाजपा के साथ नहीं जा सकती। इससे महागठबंधन को लग रहा है कि इस गणित के सहारे वह अपने मकसद में कामयाब हो सकती है।

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