समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम प्रसाद, अखिलेश प्रसाद और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मीटिंग करते लालू प्रसाद। Image Source : tweeted by @MisaBharti

मंडल-कमंडल पर 7 को सड़क पर उतरेंगे राजद कार्यकर्ता, लालू की सक्रियता से जोश में आई पार्टी

Patna : राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सक्रियता ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है। अब इस जोश को और ताव देने की कोशिश हो रही है। खासकर जातीय जनगणना की सियासी गरमी को देखते हुये। राजद ने अब मंडल की राजनीति को धार देने की तैयारी कर ली है। इसके लिये 7 अगस्त को मंडल दिवस के मौके पर राजद कार्यकर्ता बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इसमें जातीय जनगणना कराने, आरक्षित कोटे से लाखों बैकलॉग रिक्तियों को भरने और मंडल आयोग की शेष रिपोर्ट को लागू करने की मांग की जायेगी। भारतीय जनता पार्टी ने जातीय जनगणना कराने से मना कर दिया है। इसके लिये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट‍्ठी लिखी है और इसे प्रभावी बनाने को कहा है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की है।

राष्ट्रीय जनता दल इस मसले पर भारतीय जनता पार्टी को चौतरफा घेरना चाहती है। मंडल आयोग ने अपनी रिपोर्ट की शुरुआत में ही कहा था कि जाति के आंकड़ों की कमी के कारण उसे काम करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, इसलिए अगली जनगणना में जातियों का डेटा भी एकत्र किया जाना चाहिये। लालू प्रसाद अब घर से बाहर भी निकलने लगे हैं। नेताओं से भी मिलने लगे हैं। ऐसे में इस बार उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने 7 अगस्त को भव्य तरीके से मंडल दिवस मनाने का फैसला किया है। यह भाजपा की नीति के खिलाफ सड़क पर मनाया जायेगा। भारतीय जनता पार्टी के दोहरे चरित्र को उजाकर किया जायेगा कि कैसे भाजपा जातीय जनगणना का विरोध कर रही है।
तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने 7 अगस्त 1990 को संसद में मंडल की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा की थी। देश भर में पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया था। लालू प्रसाद, मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं ने मंडल के पक्ष में ताकत दिखाई थी। इस वोट बैंक को जगाये रखने के लिये एक बार फिर ताकत का प्रदर्शन शुरू हो रहा है। लालू प्रसाद ने कहा है कि जाति आधारित जनगणना का विरोध करने वालों को कोई मतलब नहीं है। बैक बेंचर के लिये अलग से बजट बनाये जाने की जरूरत है। इस देश में छह लाख परिवार भीख मांग रहे हैं। उनसे पूछें कि वे किस जाति के हैं। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी का कहना है कि आरएसएस की ऊंची जाति की सोच के चलते भाजपा जाति अधारित जनगणना नहीं कराना चाहती है।

 

राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन का कहना है कि 7 अगस्त को पार्टी की ओर से हर जिले में धरना-प्रदर्शन होगा। इसके बाद जिला अधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन दिया जायेगा। इसमें जाति आधारित जनगणना कराने, बोर्ड की अन्य सिफारिशों को लागू करने और आरक्षित कोटे से लाखों बैकलॉग रिक्त पदों को भरने की मांग की जायेगी।

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