राजद के राज्यसभा MP अमरेंद्रधारी सिंह फर्टिलाइजर घोटाले में गिरफ्तार, सब्सिडी ही हजम कर गये

Patna : प्रवर्तन निदेशालय ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को उर्वरक घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सिंह ज्योति समूह में भागीदार हैं, जो पिछले महीने जांच के दायरे में आया था जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इफको के अध्यक्ष यूएस अवस्थी, इंडियन पोटाश लिमिटेड के पूर्व एमडी परविंदर सिंह गहलौत और उनके बेटों के खिलाफ आयात में कथित रूप से गड़बड़ियों के लिये मामला दर्ज किया था। कंपनियों के वेब के माध्यम से उर्वरकों और सब्सिडी का दावे में गड़बड़ी पाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, व्यवसायी-सांसद को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। सिंह के साथ एक चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव सक्सेना, जिसकी अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में जांच की गई थी, सीबीआई द्वारा 17 मई को दर्ज की गई प्राथमिकी के आरोपियों में से एक है।

अवस्थी, गहलौत और अन्य पर सब्सिडी धोखाधड़ी के मामले में कई विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से बढ़े हुये कीमतों पर उर्वरक आयात करने और अपने परिवार के सदस्यों और मामले में नामित अन्य निजी व्यक्तियों के माध्यम से भारत से कमीशन को बाहर निकालने का आरोप है। सीबीआई ने 19 मई को एक बयान में कहा- इफको और इंडियन पोटाश लिमिटेड विभिन्न विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से उर्वरकों के लिये हजारों मीट्रिक टन और उर्वरकों के लिये कच्चे माल की भारी मात्रा में आयात कर रहे हैं। यह कहा गया है कि भारत में किसानों को उर्वरकों की आपूर्ति की जाती है और भारत सरकार किसानों को उचित दरों पर उर्वरकों की आपूर्ति की सुविधा के लिये उर्वरकों पर सब्सिडी प्रदान कर रही है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि अवस्थी ने फर्जी कंपनी खोली और उससे कच्चे माल और उर्वरकों के आयात में अवैध कमीशन का आदान-प्रदान किया गया, इंटरनेशनल ट्रेडिंग के जरिये उच्च सब्सिडी की धनराशि का घपला किया गया। उर्वरकों के बिक्री डेटा में हेरफेर किया गया। मामले में नामित व्यक्तियों पर 2007 से 2014 तक सात साल के लिये आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है।
सीबीआई ने कहा- यह भी आरोप लगाया गया था कि सरकार को धोखा देने के लिये, केंद्र सरकार से उच्च सब्सिडी का दावा करके इफको और इंडियन पोटाश लिमिटेड के अधिकारी फर्जी कंपनी के माध्यम से उर्वरकों और कच्चे माल का आयात कर रहे हैं। दुबई में किसान इंटरनेशनल ट्रेडिंग FZE (इफको की एक सहायक कंपनी) और अन्य बिचौलिये अत्यधिक बढ़ी हुई दरों पर, इफको के तत्कालीन एमडी और इंडियन पोटाश लिमिटेड के तत्कालीन एमडी सहित अन्य आरोपियों के लिये कमीशन की उगाही करते हैं, जिसे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं द्वारा भुगतान / स्थानांतरित किया गया था।

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